किसानों की पदयात्रा के चलते हरियाणा में खनौरी बॉर्डर सील
दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने सख्त कदम उठाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध में किसानों की पदयात्रा को रोकने के लिए बॉर्डर सील कर दिए गए हैं। नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का कहना है कि मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा।

खनौरी, एजेंसी। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली आ रहे किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के बैनर तले निकाली जा रही 228 किलोमीटर लंबी किसान बचाओ पदयात्रा को रोकने के लिए पुलिस ने खनौरी-डाटा सिंह वाला बॉर्डर को कंटीले तारों और कंक्रीट की बैरिकेडिंग से पूरी तरह सील कर दिया है। जींद जिले के एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को कहा कि किसानों के पास इस मार्च के लिए अनुमति नहीं है। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से 51 किसान इस मार्च में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगी। हरियाणा में सुरक्षा इंतजामों के बारे में पूछे जाने पर डल्लेवाल ने कहा कि इस बैरिकेडिंग ने भाजपा सरकार की असलियत सामने ला दी है। पहले जब किसान ट्रैक्टर लेकर आते थे, तब उन्हें दिक्कत होती थी। अब, जब किसानों का एक छोटा सा समूह पैदल मार्च करके दिल्ली जाना चाहता है, तब भी उन्हें दिक्कत हो रही है और वे हमें आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। इससे सरकार का किसान-विरोधी चेहरा सामने आता है।


