किशनगंज: पपीता की खेती, कम समय में बेहतर मुनाफे की उम्मीद

हिन्दुस्तान, भागलपुर
Follow us on Google News
share

पोठिया प्रखंड के छत्तरगाछ क्षेत्र में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ नकदी फसलों जैसे पपीता की ओर बढ़ रहे हैं। प्रगतिशील किसान नूरुल हक ने पपीता की व्यावसायिक खेती शुरू की है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद है। पपीता कम समय में अधिक लाभ प्राप्त करने वाली फसल साबित हो रही है।

किशनगंज: पपीता की खेती, कम समय में बेहतर मुनाफे की उम्मीद

पोठिया, किशनगंज से गोपाल चौधरी की रिपोर्ट पोठिया प्रखंड के छत्तरगाछ क्षेत्र में अब किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक प्रगतिशील किसान ने अपने खेत में पपीता की व्यावसायिक खेती शुरू की है। यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, क्योंकि पपीता ऐसी फसल है जिससे कम समय में अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। पपीता की खेती कर रहे किसान नूरुल हक,मो सोहेल हाजी ने बताया कि धान और मक्का जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में पपीता की खेती अधिक लाभदायक साबित हो सकती है।

पपीता का पौधा रोपाई के लगभग 8 से 10 महीने बाद फल देना शुरू कर देता है और दो से तीन वर्षों तक लगातार उत्पादन देता है। बाजार में सालभर इसकी मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी समन्वयक अंसार अहमद ने बताया कि पपीता की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। समय-समय पर सिंचाई, जैविक एवं संतुलित उर्वरकों का प्रयोग तथा कीट एवं रोगों की निगरानी से अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है। यदि वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए तो प्रति एकड़ लाखों रुपये तक की आय अर्जित की जा सकती है। स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि कृषि विभाग की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण पौधे और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, तो क्षेत्र में पपीता की खेती का दायरा तेजी से बढ़ सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पपीता पोषक तत्वों से भरपूर फल है और इसकी मांग स्थानीय बाजार के साथ-साथ अन्य जिलों में भी बनी रहती है। यही कारण है कि इसे कम लागत और अधिक मुनाफे वाली फसलों में गिना जाता है। छत्तरगाछ में शुरू हुई पपीता की यह खेती क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई दिशा मानी जा रही है। यदि यह प्रयास सफल रहता है तो आने वाले समय में पोठिया प्रखंड के अन्य किसान भी बड़े पैमाने पर पपीता की खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। पोठिया में पपीता की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी तथा अच्छीजलवायु है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।