मौसम की दगा से पीली पड़ने लगी धान की नर्सरी: चिंता
ज्ञानपुर के किसान बारिश की कमी से परेशान हैं। जुलाई के 12 दिन बीत जाने के बाद भी पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है, जिससे धान की रोपाई में कठिनाई आ रही है। नलकूप और बिजली कटौती ने उनकी समस्याओं को बढ़ा दिया है। किसानों की नर्सरी भी सूखने लगी है, और वे जल्द बारिश की आशा कर रहे हैं।

ज्ञानपुर, संवाददाता। कालीन नगरी में मौसम मानों किसानों को दगा दे दिया है। जुलाई माह का 12 दिन गुजर गया लेकिन झमाझम बरसात नहीं हो पाई। खेतों में इतना पानी एकत्रित नहीं हो पाया है कि धान की रोपाई किसन कर सकें। नहर से सटे किसान तो धान की रोपाई तेजी से कर रहे हैं। जबकि बारिश और नलकूप पर निर्भर रहने वाले किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। नलकूप से पहले सिंचाई को लेकर किसान आपस में उलझ जा रहे हैं। बिजली कटौती भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नाली से नलकूप का पानी खेत में पहुंचा नहीं कि बिजली ट्रिप कर जा रही है।
किसान खेतों की भराई कैसे करें यह समझ नहीं पा रहे हैं। मौसम ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हल्की बारिश कर मेघ निकल जा रहे हैं। बारिश के अभाव में धान की तैयार नर्सरी अब पीला पड़ने लगा है। किसानों की माने तो शीघ्र ही रोपाई शुरू नहीं हुआ तो नर्सरी में तैयार पौधों का विकास थम जाएगा। धान रोपाई में विलंब हुआ तो न तो पौधों की ऊंचाई मानक के अनुरूप होगा और ना ही अनाज उत्पादन बढ़ेगा। आसमान की तरफ नजर लगाए किसान बारिश की आस लगाए हैं।


