चाकुलिया: धान की रोपनी की रफ्तार धीमी, किसानों को मानसून का इंतजार
चाकुलिया प्रखंड में बारिश की कमी से किसान चिंतित हैं। धान की रोपनी की गति धीमी हो गई है। अब तक केवल 5% क्षेत्र में रोपनी हुई है। सिंचाई की सुविधाओं के अभाव में किसान खेत तैयार नहीं कर पा रहे हैं और मानसून का इंतजार कर रहे हैं।
चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान चिंतित हैं। धान की रोपनी की रफ्तार काफी धीमी है। किसानों को मानसून का इंतजार है। कुछ इलाकों के निचले भाग के खेतों में, जिनमें पानी है, में छिटपुट रोपनी हो रही है। इस प्रखंड में धान की रोपनी का लक्ष्य 12847 हेक्टेयर है। एक आकलन के मुताबिक प्रखंड क्षेत्र में अब तक पांच प्रतिशत ही धान रोपनी हुई है। स्थिति ऐसी है कि पानी के अभाव में किसान धान की रोपनी के लिए खेत भी तैयार नहीं कर पा रहे हैं। अधिकांश किसानों के पास सिंचाई की सुविधा नहीं है।
बारिश के अभाव में खाल और नालों पर बने चेकडैमों के पास भी पानी जमा नहीं है। स्वर्णरेखा परियोजना की चांडिल मुख्य बांयीं नहर में भी पानी नहीं छोड़ा गया है। नहर सूखी पड़ी है। इस स्थिति में किसान धान की खेती के लिए मानसून के भरोसे रह गए हैं। बारिश नहीं होने से रोपनी का समय बीत रहा है। किसान चिंतित हैं।


