किसानों को जीवामृत तैयारन करने के लिए दी ड्रम, गुड़ और बेसन

हिन्दुस्तान, गाजीपुर
Follow us on Google News
share

गाजीपुर, संवाददाता। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन वर्ष 2026 के तहत कृषि विज्ञान

किसानों को जीवामृत तैयारन करने के लिए दी ड्रम, गुड़ और बेसन

गाजीपुर, संवाददाता। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन वर्ष 2026 के तहत कृषि विज्ञान केंद्र आंकुशपुर में किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की गई है। इस योजना के तहत प्रगतिशील किसान अवनीश कुमार राय, रविकांत उपाध्याय को प्राकृतिक खेती प्रक्षेत्र प्रदर्शन के तहत जीवामृत तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री जैसे प्लास्टिक ड्रम, गुड़, बेसन आदि सामग्री दी गयी।वरिष्ठ वैज्ञानिक पशुपालन डा. एके सिंह ने बताया कि जीवामृत एक अत्यधिक प्रभावशाली जैविक खाद है। जो मिट्टी की उर्वरता शक्ति को बढ़ाता है और फसलों को बीमारियों से बचाता है। इसे तैयार करने की विधि डा. दीपक प्रजापति ने लाइव डेमो करके दिखाया।

जिसमे जीवामृत बनाने के लिए सबसे पहले 200 लीटर पानी वाले ड्रम में 10 किलो गाय का गोबर और पांच से दस लीटर गौमूत्र डालकर लकड़ी की छड़ी से अच्छी तरह घोल लें। अब इस मिश्रण में दो किलो गुड़ और दो किलो बेसन को थोड़े पानी में घोलकर ड्रम में मिला दें। इसके बाद इसमें एक किलो उपजाऊ या सजीव मिट्टी डालें ताकि सूक्ष्मजीवों की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो सके। पूरे मिश्रण को डंडे की मदद से घड़ी की सूई की दिशा में तीन से पांच मिनट तक घुमाएं। ड्रम को जूट की बोरी या सूती कपड़े से ढककर छांव में रख दें। अगले सात से नौ दिनों तक रोजाना सुबह और शाम तीन से पांच मिनट के लिए इस घोल को डंडे से हिलाते रहें I आपका शुद्ध और असरदार जीवामृत बनकर तैयार हो जाएगा। तैयार जीवामृत का उपयोग सिंचाई के पानी के साथ मिलाकर या फसलों पर घोल बनाकर छिड़काव के रूप में किया जा सकता है। यह मिट्टी में केंचुओं और मित्र जीवाणुओं की संख्या बढ़ाता है, जिससे रासायनिक खाद पर निर्भरता खत्म होती है और खेती की लागत में भारी कमी आती है। इस दौरान कृषि अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डा. पंकज कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsकिसानों को जीवामृत तैयारन करने के लिए दी ड्रम, गुड़ और बेसन