बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने की मांग को लेकर धरना
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने गन्ना मूल्य भुगतान में देरी के कारण किसानों को ब्याज दिलाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने पर उन्हें नुकसान होता है। साथ ही, उन्होंने गन्ना मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की अपील की।

समय पर गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाली चीनी मिलों से किसानों को ब्याज दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। किसान नेताओं का कहना है कि समय पर भुगतान न करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर किसानों को ब्याज देने का निर्देश न्यायालय ने दिया है। किसानों को भुगतान के साथ ही ब्याज का भुगतान भी किया जाए। किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष अंजनी दीक्षित ने कहा कि 16 जुलाई 2026 को उच्च न्यायालय में संगठन की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान सरदार वीएम सिंह ने किसानों की ओर से दलील दी थी कि किसान गन्ने की खेती के लिए समितियों और बैंकों से कर्ज लेते हैं और उस पर ब्याज व पेनाल्टी चुकाते हैं।
ऐसे में चीनी मिलों की ओर से भुगतान में देरी होने पर किसानों को अतिरिक्त नुकसान होता है। संगठन किसानों के अलग-अलग प्रार्थना पत्र जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में जमा करा रहा है।प्रत्येक किसान के करीब 30 वर्षों के बकाया गन्ना भुगतान पर बनने वाले ब्याज का हिसाब मांग रहे हैं। इसके अलावा, किसानों ने गन्ना मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की भी मांग की। अंजनी दीक्षित का कहना है कि वर्तमान में चीनी का भाव 6000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। ऐसे में आगामी पेराई सत्र शुरू होने से पहले सरकार को गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करना चाहिए। धरना के दौरान सरदार जागीर सिंह, सरदार विचित्र सिंह, बलविंदर सिंह, अवधेश कुमार राजपूत, जितेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, मोहनलाल, नरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, पुत्तूलाल अवस्थी, राजेश मिश्रा, दुलीचंद वर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, रामनिवास शुक्ला महेश गिरी सहित तमाम किसान मौजूद रहे।


