किसानों को मिली बिचड़ा उपचारित करने की जानकारी

हिन्दुस्तान, बेगुसराय
Follow us on Google News
share

मटिहानी प्रखंड के हांसपुर में उपनिदेशक कृषि अधिकारियों ने ट्राइकोडर्मा जैवकीटनाशी का उपयोग करके किसानों को पौधों का उपचार करना सिखाया। इस प्रक्रिया से धान के पौधे को मृदा जनित रोगों से बचाया जा सकता है। अधिकारियों ने फॉल आर्मी वॉर्म के प्रबंधन पर भी किसानों को जानकारी दी।

किसानों को मिली बिचड़ा उपचारित करने की जानकारी

सिंघौल, निज संवाददाता। मटिहानी प्रखंड के हांसपुर में उपनिदेशक पौधा संरक्षण मुंगेर प्रमंडल श्वेता कुमारी एवं सहायक निदेशक पौधा संरक्षण रीमा कुमारी द्वारा किसान के खेत में पहुंचकर ट्राइकोडर्मा जैवकीटनाशी से बिचड़ा उपचारित कर के दिखाया गया। साथ ही इस प्रक्रिया की विशेषता बतलाई गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि ट्राइकोडर्मा एक जैवकीटनाशी है इसके उपयोग से धान के पौधे में मृदा जनित रोग जैसे गलका रोग,भूरा धब्बा रोग, सड़न आदि नहीं लगता है। यह मिट्टी के संरचना को भी बेहतर बनाता है तथा जड़ों को सूक्ष्मपोशक तत्वों के अवशोषण में भी मदद करता है। पांच मिली प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर बिचड़ा को उपचारित करना चाहिए।

अधिकारियों ने मक्का के खेत का भी भ्रमण किया गया जिसमें फॉल आर्मी वॉर्म कीट का प्रकोप पाया गया इसके उचित प्रबंधन पर भी जानकारी किसानों को दी गई। मौके पर किसान अशोक कुमार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक खुशबू कुमारी आदि थी।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।