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20 जनवरी, 2021|1:47|IST

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LIVE: 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकाल पाएंगे किसान? केंद्र से बोला सुप्रीम कोर्ट- हम कोई आदेश नहीं देंगे, पुलिस तय करे क्या करना है

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supreme court and farmer protest

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कृषि कानूनों के खिलाफ में दिल्ली की सीमाओं पर इस कड़ाके की ठंड में पिछले दो महीनों से किसानों का प्रदर्शन जारी है और 26 जनवरी को ये किसान दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने वाले हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के विरोध में दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च कर पाएंगे या नहीं, आज इस पर सुप्रीम कोर्ट में आज भी सुनवाई हो रही है। हालांकि, इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है और यह फैसला करने का पहला अधिकार पुलिस को है कि राष्ट्रीय राजधानी में किसे प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए और किसे नहीं। 

किसानों की ट्रैक्टर रैली पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई LIVE:

-सीजेआई ने कहा कि अगर हम किसानों के कानूनों को बरकरार रखते हैं तो आप आंदोलन शुरू कर सकते हैं लेकिन शांति बनाए रखनी होगी। वहीं, 8 किसान यूनियनों की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने CJI को बताया कि किसान केवल आउटर रिंग रोड पर शांतिपूर्ण तरीके से गणतंत्र दिवस मनाना चाहते हैं। वे शांति भंग नहीं करेंगे।

-आप समिति के किसी सदस्य पर केवल इस लिए आक्षेप लगा रहे हैं क्योंकि उसने कृषि कानूनों पर राय व्यक्त की है: उच्चतम न्यायालय।

-समिति के पुनर्गठन की मांग वाली याचिका पर किसान महापंचायत को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। बता दें कि इस समिति से एक सदस्य ने खुद को अलग कर लिया है। 

- समिति पर उठ रहे सावलों पर सीजेआई ने कहा कि समिति के सदस्यों को निर्यण लेने की कोई शक्ति नहीं दी गई है, उन्हें सिर्फ हमें रिपोर्ट करना होगा। इसमें पूर्वाग्रह का सवाल कहां है? अगर आप समिति के सामने पेश नहीं होना चाहते हैं, तो मत आइए, लेकिन किसी को इस तरह से बदनाम मत करिए और कोर्ट पर लांछन नहीं लगाइए। 

-एएनआई के मुताबिक, सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति को लेकर चीफ जस्टिस ने कहा कि हमने समिति को किसानों को सुनने और हमारे पास आने और अपनी रिपोर्ट दर्ज करने की शक्ति दी है। इसमें पक्षपात की बात क्या है? उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट पर कोई लांछन न लगाए।

-समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय द्वारा 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को पुलिस का मामला बताए जाने के बाद मामले में न्यायालय से हस्तक्षेप के अनुरोध वाली याचिका वापस ली। उच्चतम न्यायालय ने 26 जनवरी की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को लेकर दायर याचिका पर कहा, आप प्राधिकार हैं और आपको इससे निपटना है, इसपर आदेश पारित करना अदालत का काम नहीं ।

-समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ अपनी याचिका वापस लेने के लिए कहा।

-सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ केंद्र की याचिका पर हम कोई आदेश पारित नहीं करेंगे। चीफ जस्टिस ने कहा कि हमने कहा है कि यह पुलिस को तय करना है। हम आदेश पारित नहीं करने वाले हैं। आप कार्रवाई करने के अधिकारी हैं।

-किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई शुरू हुई।

दिल्ली पुलिस के पास मामले से निपटने का अधिकार
दरअसल, प्रस्तावित ट्रैक्टर या ट्रॉली रैली अथवा गणतंत्र दिवस पर समारोहों एवं सभाओं को बाधित करने की कोशिश करने के अन्य प्रकार के प्रदर्शनों पर रोक लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के मार्फत केंद्र की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी। इस दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि पुलिस के पास इस मामले से निपटने का पूरा अधिकार हैं। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ इस मामले पर आज अपना फैसला सुनाएगी। 

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने केन्द्र से कहा था, 'क्या उच्चतम न्यायालय यह बताएगा कि पुलिस की क्या शक्तियां हैं और वह इनका इस्तेमाल कैसे करेगी? हम आपको यह नहीं बताने जा रहे कि आपको क्या करना चाहिए।' पीठ ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा था कि वह इस मामले में 20 जनवरी को आगे सुनवाई करेगी। 

ट्रैक्टर रैली कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला
पीठ ने कहा, 'दिल्ली में प्रवेश का मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा है और पुलिस इस पर फैसला करेगी।' पीठ ने कहा, 'अटॉर्नी जनरल, हम इस मामले की सुनवाई स्थगित कर रहे हैं और आपके पास इस मामले से निपटने का पूरा अधिकार है।' केंद्र ने दिल्ली पुलिस के जरिए दायर याचिका में कहा है कि गणतंत्र दिवस समारोहों को बाधित करने की कोशिश करने वाली कोई भी प्रस्तावित रैली या प्रदर्शन देश के लिए शर्मिंदगी का कारण बनेगा।

वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि दिल्ली में प्रवेश की अनुमति देने और नहीं देने के बारे में पुलिस को ही करना है क्योंकि न्यायालय प्रथम प्राधिकारी नहीं है। पीठ ने वेणुगोपाल से कहा कि शीर्ष अदालत कृषि कानूनों के मामले की सुनवाई कर रही है और हमने पुलिस की शक्तियों के बारे में कुछ नहीं कहा है।

आज सभी मामलों पर होगी सुनवाई
एक किसान संगठन का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ए पी सिंह ने पीठ को बताया कि उन्होंने एक हलफनामा दाखिल किया है। इस हलफनामे में कृषि कानूनों के मामले को सुलझाने के लिए न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति के शेष तीन सदस्यों को हटाने और ऐसे लोगों को चुनने का अनुरोध किया गया है जो आपसी सद्भाव के आधार पर काम कर सकें। पीठ ने कहा कि हम उस दिन (सुनवाई की अगली तारीख यानी आज 20 जनवरी) सभी की याचिका पर सुनवाई करेंगे।

12 जनवरी को कृषि कानूनों पर लगी थी रोक
न्यायालय ने 12 जनवरी को एक अंतरिम आदेश में अगले आदेश तक नए कृषि कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी और दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसान संगठनों एवं केंद्र के बीच गतिरोध के समाधान पर अनुशंसा करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति में भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान के दक्षिण एशिया के निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और शेतकरी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवट को शामिल किया गया। बाद में, मान ने खुद को समिति से अलग कर लिया था।

समिति के सुझाव के बाद अगली सुनवाई
न्यायालय ने 12 जनवरी को कहा था कि इस मामले में आठ सप्ताह बाद आगे सुनवाई करेगा तब तक समिति इस गतिरोध को दूर करने के लिये अपने सुझाव दे देगी। उल्लेखनीय है कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों किसान पिछले करीब दो महीने से भी अधिक समय से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

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  • Web Title:Farmer Protest Kisan Tractor Rally Supreme Court Hearing LIVE Updates on Delhi Police Plea Republic Day Farm Laws