किसानों की समस्याओें को लेकर भाकियू चढूनी का तहसील में प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के कार्यकर्ताओं ने किसानों के मुद्दों को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर यूरिया और डीएपी खाद की कमी, गंगा कटान और बिजली बिल में अनियमितताओं का समाधान मांगा। संगठन ने किसानों के खाद की उपलब्धता और गंगा कटान रोकने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं जनहित के मुद्दों को लेकर मंगलवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के समाधान की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसान वर्तमान में सरकारी नीतियों एवं प्रशासनिक लापरवाही के कारण परेशान है। यूरिया व डीएपी खाद के लिए किसानों को लाइनों में लगना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि लाइनों में लगकर भी किसान को दो बोरे से ज्यादा यूरिया नहीं दिया जा रहा है। एसडीएम को दिए ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि सहकारी एवं निजी संस्थानों पर यूरिया और डीएपी खाद समय पर उपलब्ध नहीं हो रहा है।
किसानों को खाद नहीं दी जाती, जबकि उनके आधार कार्ड पर अधिक मात्रा दर्ज कर दी जाती है। साथ ही निजी विक्रेताओं द्वारा खाद के साथ अनावश्यक दवाइयां खरीदने का दबाव बनाया जाता है। संगठन ने किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों ने सरकारी रजवाहों और नालियों की समयबद्ध सफाई की मांग भी उठाई।भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) कार्यकर्ताओं ने मीरपुर साधुनांगल क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों से जारी गंगा कटान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आरोप है कि कई सालों से गंगा कटान रोकने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे है लेकिन कटान को रोका नहीं जा रहा है। कटान रोकने को बनाये गये तटबंधों की गुणवत्ता खराब रही है। पर्याप्त निगरानी न होने के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और किसानों की भूमि एवं फसलें लगातार गंगा में समा रही हैं। संगठन ने गंगा से जुड़े बाढ़ निकासी नालों की तत्काल सफाई कराने की मांग की। इसके अलावा किसानों ने घरेलू बिजली बिलों में कथित अनियमितताओं और अधिक बिल वसूली का मुद्दा भी उठाया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा प्रदेशाध्यक्ष चन्द्रजीत सिंह गिल, रकम सिंह, कल्याण सिंह, मनोज, रामकिशन, जगवीर, शैकीन, संदीप, गोपाल प्रधान, मोमीन आदि रहे।


