DA Image
Saturday, November 27, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ देशकृषि कानूनों के साथ हैं हरियाणा के किसान नेता, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा

कृषि कानूनों के साथ हैं हरियाणा के किसान नेता, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा

हिन्दुस्तान,नई दिल्लीRakesh Kumar
Sat, 12 Dec 2020 08:44 PM
कृषि कानूनों के साथ हैं हरियाणा के किसान नेता, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को कहा कि हरियाणा के किसान नेता तीनों कृषि कानूनों पर सरकार के साथ हैं और उन्होंने इसके समर्थन में अपने हस्ताक्षर के साथ एक ज्ञापन भी सौंपा है। इसके साथ ही तोमर ने कहा कि ज्ञापन देने आए किसान नेताओं ने इस बात को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए कि कैसे ये कानून उनके लिए फायदेमंद हैं। अलग-अलग राज्यों से आए हजारों किसान तीन नए कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए पिछले दो सप्ताह से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं।

नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच हरियाणा से 29 किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इन कानूनों के प्रति अपना समर्थन प्रकट करने के लिए शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। भारतीय किसान यूनियन (मान) हरियाणा के प्रदेश नेता गुणी प्रकाश के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संसद द्वारा सितंबर में पारित किए गए तीन नए कृषि कानूनों पर तोमर को एक समर्थन पत्र सौंपा और उन्होंने सरकार से इन कानूनों को बरकरार रखने की मांग की।

प्रकाश ने मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, "यदि (नए कृषि) कानूनों को निरस्त किया जाता है तो हम प्रदर्शन करेंगे। हमनें सभी जिलों को एक ज्ञापन दिया है। उन्होंने यह जानना भी चाहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को 2014 तक लागू क्यों नहीं किया।" उन्होंने कहा, "हर किसी को प्रदर्शन करने का अधिकार है। उनके पास भी है, इसलिए हम ऐसा करेंगे। हम तीनों कानूनों के समर्थन में हैं, लेकिन इस प्रदर्शन का नेतृत्व वामपंथी और हिंसक लोग कर रहे हैं।"

क्या है मामला
कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर सरकार ने सितंबर में तीनों कृषि कानूनों को लागू किया था। सरकार ने कहा था कि इन कानूनों के बाद बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को देश में कहीं पर भी अपने उत्पाद को बेचने की अनुमति होगी। वहीं, किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें