फार्मर आईडी नहीं तो योजनाओं का लाभ नहीं, किसान दिवस में डीएम ने किया अलर्ट
किसान दिवस पर किसानों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि फार्मर आईडी अनिवार्य है और उन्नत नस्ल की गायों, बकरी पालन, ड्रिप और प्रिरंकलर सिंचाई योजनाओं में अनुदान की जानकारी दी। किसानों ने अपने मुद्दे साझा किए और अधिकारियों ने समाधान पर चर्चा की।

किसान दिवस में बुधवार को किसानों की समस्याओं के साथ सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने साफ कहा कि अब अधिकांश कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी, वे भविष्य में कई योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। किसानों ने उर्वरक, बिजली, सिंचाई और कृषि से जुड़े अन्य मुद्दे उठाए, जिन पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने जानकारी दी। जिलाधिकारी ने किसानों से समय रहते फार्मर आईडी बनवाने और विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
बैठक में पशुपालन विभाग ने मुख्यमंत्री गौ संवर्धन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि उन्नत नस्ल की दो गायों की इकाई पर अधिकतम 80 हजार रुपये तक अनुदान दिया जा रहा है। बकरी पालन योजना में पांच बकरी और एक बकरे की इकाई पर 36 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इसके लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। उद्यान विभाग ने ड्रिप और ्प्रिरंकलर सिंचाई पर लघु एवं सीमांत किसानों को 75 से 90 प्रतिशत तथा अन्य किसानों को 65 से 80 प्रतिशत तक अनुदान मिलने की जानकारी दी। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना पर परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक अनुदान उपलब्ध होने की भी जानकारी दी गई। इसके अलावा मशरूम उत्पादन, पॉलीहाउस, नेटहाउस, वर्मी कम्पोस्ट और निजी पौधशाला जैसी योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाने के लिए विभिन्न बैंक शाखाओं में शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 16 जुलाई से कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने की संभावना है। वहीं, राजकीय कृषि बीज भंडारों पर 50 प्रतिशत अनुदान पर धान, अरहर, उड़द, मूंग और तिल के बीज उपलब्ध हैं, जबकि रागी, कोदो, सांवा, ज्वार और बाजरा जैसे मोटे अनाज के बीज निशुल्क दिए जा रहे हैं। बीजों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से होगा। बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, विद्युत, सहकारिता, मंडी, रेशम और कृषि विज्ञान केंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी। बड़ी संख्या में किसान भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।


