काम की खबर: प्राकृतिक आपदा में फसल क्षति पर बीमा से मिलेगी राहत, 31 जुलाई तक कराएं फसल बीमा
गोण्डा, संवाददाता। खरीफ सीजन में मौसम की अनिश्चितता के बीच कृषि विभाग ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की अपील की है। किसान धान और मक्का की फसल के लिए प्रीमियम जमा कर अपनी फसल को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित कर सकते हैं। अंतिम तिथि 31 जुलाई है।

गोण्डा, संवाददाता। खरीफ सीजन में मौसम की अनिश्चितता के बीच कृषि विभाग ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की अपील की है। विभाग के अनुसार, किसान धान की फसल के लिए 1484 रुपये प्रति हेक्टेयर और मक्का की फसल के लिए 478 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम जमा कर अपनी फसल को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षित कर सकते हैं। फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। योजना के तहत बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि, जलभराव, ओलावृष्टि, आंधी और चक्रवात समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाली क्षति पर नियमानुसार बीमा दावा मिलता है। खास बात यह है कि कटाई के बाद निर्धारित अवधि में प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान को भी योजना में शामिल किया गया है, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिलती है。
कृषि विभाग की अपील
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि बदलते मौसम को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच है। कम प्रीमियम देकर किसान अपनी पूरी फसल को सुरक्षित कर सकते हैं। यदि किसी प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होता है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नियमानुसार क्षतिपूर्ति का लाभ मिलता है। उन्होंने सभी पात्र किसानों से समय सीमा के भीतर बीमा कराने की अपील की।
बीमा कराने की प्रक्रिया
जिला समन्वयक विजय सिंह ने बताया कि किसान अपने निकटतम बैंक, जन सेवा केंद्र (सीएससी) अथवा अधिकृत बीमा कंपनी के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और बोई गई फसल का विवरण आवश्यक है।


