विभावि स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में विदाई-सह-सम्मान समारोह आयोजित
हजारीबाग के विभावि स्नात्तकोत्तर हिंदी विभाग में शुक्रवार को पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ केके गुप्ता के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। शिक्षकों और छात्रों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके कार्य की सराहना की। डॉ गुप्ता ने कहा कि विदाई का मतलब कर्मक्षेत्र बदलना है और समाज की भलाई के लिए हमेशा कार्य करते रहने का संदेश दिया।

हजारीबाग, शिक्षा प्रतिनिधि। विभावि स्नात्तकोत्तर हिंदी विभाग में शुक्रवार को पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ केके गुप्ता के सेवानिवृत्त होने पर कला भवन के तुलसीदास सभागार में विभागाध्यक्ष डॉ सुबोध कुमार सिंह शिव गीत की अध्यक्षता में विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ गुप्ता को भावभीनी विदाई देते हुए शिक्षकों ने उनके कार्यशैली और व्यक्तित्व का जमकर सराहना की। शोधार्थियों व विद्यार्थियों ने भावभीनी विदाई देते हुए उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। मौके पर सेवानिवृत्त डॉ गुप्ता ने कहा विदाई कुछ नहीं होता है। कर्मक्षेत्र बदल जाता है। कल तक ईश्वर ने जो दायित्व दिया उसका निर्वहन ईमानदारी से किया।
आगे जो दायित्व मिलेगा उसका भी निर्वहन करता रहूंगा। कहा कि उन्होंने जो भी कार्य किया वह उससे पूरी तरह संतुष्ट है। विद्यार्थियों के लिए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि केवल स्वार्थ में कोई काम नहीं करें। यदि आप आगे बढ़ रहे हैं, तो उसमें समाज और राष्ट्र की भी भूमिका है। समाज और राष्ट्र के लिए भी कुछ करते रहे। कहा की दूसरे के कल्याण से बड़ा कोई धर्म नहीं और दूसरे को कष्ट देने जैसा कोई पाप नहीं। इससे पहले पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ केदार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।संचालन डॉ सुनील कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ विजयकांत धर दुबे पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ मंजुला सांगा व डॉ शारदा शर्मा, विभावि के छात्रकल्याण संकायाध्यक्ष डॉ विकास कुमार, मानविकी के संकायाध्यक्ष डॉ एसजेड हक, भूगर्भ विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ एचएन सिन्हा, राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा, अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष सह विश्वविद्यालय के विकास पदाधिकारी डॉ देवनारायण राम, डॉ राजू राम, अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष डॉ गंगानन्द सिंह, दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष विजय कुजूर, योग केंद्र के निदेशक डॉ राजकुमार चौबे, वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार, गणित विभाग के अध्यक्ष डॉ गोविंद झा, दर्शनशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ अमित कुमार सिंह, संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ नकुल पांडे, जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ किशोर कुमार गुप्ता, मानवविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ विनोद रंजन, केंद्रीय पुस्तकालय के निदेशक डॉ राजेंद्र मिस्त्री, सीएनडी विभाग के पूर्व निदेशक डॉ मनोज कुमार, जयंती गुप्ता, पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ वीरेंद्र कुमार गुप्ता सहित शिक्षक पूर्व छात्र शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद थे।


