फरक्का जल संधि से हो रही बिहार की हकमारी: जदयू
फरक्का (गंगा) जल संधि से बिहार की हकमारी हो रही है। जदयू नेताओं ने इस पर चर्चा की और बताया कि यह संधि बिहार के हित में नहीं है। नेताओं ने मांग की कि इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए और बिहार की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

फरक्का जल संधि से हो रही बिहार की हकमारी: जदयू जदयू नेताओं ने पार्टी कार्यालय में जल संधि पर की चर्चा
बिहार के लोगों को जानना चाहिए कि इस संधि से हमारा क्या नुकसान है
- संवाद
गया जी, प्रधान संवाददाता
फरक्का (गंगा) जल संधि से बिहार की हकमारी हो रही है। हमलोग स्पष्ट रूप से मांग करते हैं कि इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। शुक्रवार को जदयू कार्यालय में पार्टी नेताओं ने जल संधि पर चर्चा की और पत्रकारों के साथ अपने विचार साझा किए। बेलागंज विधायक मनोरमा देवी ने बताया कि फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने साफ किया है कि इससे बिहार का हित नहीं है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई यह संधि भारत के, खासकर बिहार के हित में नहीं है। अभी हाल में संसद के मानसूत्र सत्र के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने राज्यसभा में बड़ी मुखरता से इस विषय को उठाया। पहले तो इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए और अगर कोई संधि होती भी है तो बिहार की वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। कार्यक्रम में मधुसुदन राय, सोनम दास, पुनम कुशवाहा, राम लखन स्वर्णकार, प्रभात राउत, दिनेश कुमार सिन्हा, कैलाश पासवान, शम्भु सिह, प्रकाश राम पटवा, विनोद यादव,बलीराम चौधरी, गोपाल चंद्रवंशी, अरुण कुमार राव, नंदकिशोर चौधरी आदि नेताओं ने संबोधित किया।
राजनीति नहीं, बिहार हित की बात
नेताओं ने कहा कि यह पहल किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं की गई है। बल्कि, यह जनसरोकार से जुड़ा मुद्दा है। बिहार के हक और बिहारवासियों के हित की बात है। लोगों को पता होना चाहिए कि फरक्का (गंगा) जल संधि के कारण बिहार को कैसे और कितना नुकसान हो रहा है।


