बुलडोजर और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर लगाया जाम
मनीष तिवारी हत्याकांड- 4....... कृपया वेब में न डालें बुलडोजर और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर लगाया जामबुलडोजर और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई

फतेहपुर,संवाददाता। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजनों संग ग्रामीणों ने असनी गांव के पास ही लखनऊ रोड पर जाम लगा दिया। करीब चार बजे शाम से शुरु हुआ जाम पुलिस अधिकारियों की कड़ी मशक्कत के बाद करीब डेड़ घंटे बाद खुल सका। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों की प्रापर्टी पर बुलडोजर की कार्रवाई हो। गोलीकांड के बाद असनी पुलिस चौकी से पहुंचे पुलिस कर्मियों का निलंबन हो, परिवार को मुआवजा, बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए। अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई कर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद जाम खुल सका। मृतक मनीष के भतीजे सागर ने बताया कि वैभव के साथ वह भी लौट रहा था। जिस दौरान हमलावरों ने मारपीट कर ताऊ मनीष को गोली मारी। गोली कांड की सूचना पर असनी चौकी के एक हेड कांस्टेबल वर्दी में और एक सिपाही बिना वर्दी पहुंचे थे। दोनों ने आरोपियों को पकड़ने के बजाये वहां से दोनों आरोपियों को भगा दिया। जाम लगाए ग्रामीणों की मांग थी कि उन दोनों पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे शव जैसे ही गांव पहुंचा परिजनों ने शव सड़क पर रख दिया। कुछ मिनटों में ही भीड़ बढ़ गई। बेकाबू भीड़ आरोपियों के उसी रोड पर कुछ दूरी पर बने लग्जरी ढाबे को गिराने की मांग करने लगी। पुलिस ने जैसे तैसे हालात संभाले। भिटौरा ब्लाक प्रमुख अमित तिवारी भी पहुंचे। उन्होंने भी भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। हंगामे और सड़क पर रखे शव की वजह से लालगंज रायबरेली तक वाहनों की कतारें लग गईं। सीओ थरियांव दुर्गेशदीप और एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने मौके पर पहुंच स्थित संभाली परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया। शाम करीब साढ़े पांच बजे जाम खुल सका। सीओ दुर्गेशदीप ने बताया कि परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया गया है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी। जाम खुलवा कर यातायात बहाल करवा दिया गया था。
बीमार बाप और मां रो-रोकर बेहाल
मृतक मनीष मेहनतकश था। वह किसानी के साथ-साथ ट्रक भी चला लेता था। मनीष का छोटा भाई मुकेश भी ट्रक चालक है। दोनों भाइयों में प्रेम था। दोनों के परिवार एक ही घर में साथ में रहते हैं। मनीष के पिता कामता प्रसाद बीमार हैं। उनका हाल ही में आपरेशन हुआ है। नली पड़ी हुई है। वह चारपाई पर ही लेटे रहते हैं। मां भी बीमार रहती हैं। मनीष की पत्नी रीता देवी, बेटा वैभव, गौरव और बेटी बबली का रो रोकर हाल बेहाल हैं। रीता ने कहा कि पति की मौत से पूरा परिवार उजड़ गया है। खेती ज्यादा नहीं है। इसी लिये पति ट्रक चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। आरोपियों ने उनका पूरा परिवार उजाड़ दिया। एनकांउटर होना चाहिए।
आरोपियों के पिता मुन्नु सिंह की भी हुई थी हत्या
हत्यारोपी अमन और मनु सिंह के पिता मुन्नू सिंह की भी साल 2007 में गोली मार कर हत्या की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि मुन्नू सिंह के इलाके में तूती बोलती थी। मुन्नू सिंह पर भी हत्या, हत्या के प्रयास सहित कई मुकदमें दर्ज थे। मुन्नू सिंह की हत्या का आरोप एक भट्टा संचालक पर लगा था। पुलिस ने गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी। बाद में केस सीबीसीआईडी को ट्रांसर्फर हो गया था। जांच में चक तिहानी गांव के एक व्यक्ति का नाम सामने आया था। ग्रामीण बताते हैं कि हालांकि मनीष तिवारी, उनके परिवार या रिश्तेदारों की दूर दूर तक मुन्नू सिंह की हत्या में कोई भूमिका नहीं थी। मनीष तिवारी हत्याकांड में भी मुन्नू सिंह की हत्या का कोई जुड़ाव नहीं है।


