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हिन्दुस्तान विशेष: मुस्लिमों में तेजी से बढ़ रहा परिवार नियोजन का क्रेज

 family planning craze among muslims growing fast know about this

मुसलिमों में भी पिछले कुछ समय से परिवार नियोजन के लिए जागरूकता आई है। मंहगाई और बच्चों के लालन-पालन के बढ़ते खर्च को देखते हुए सीमित परिवार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नसबंदी पखवाड़ा के रेकार्ड के अनुसार 65 में से 52 मुसलिम महिलाओं ने नसबंदी कराई है, जो बदलती सोच को दर्शा रहा है। इसके अलावा परिवार नियोजन के अन्य साधनों को भी मुसलिम महिलाएं बढ़-चढ़कर अपना रहीं हैं। 

मुस्लिमों के सभी वर्गों में शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है। आय के साधन सीमित होने पर ज्यादा बच्चों की बेहतर परवरिश नहीं हो पाती। परिवार कल्याण कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाएं बढ़ चढ़कर भागीदारी कर रही है। वर्ष 2017 में जिले में 2944 नसबंदी ऑपरेशन में मुस्लिम महिलाओं की संख्या 42, वर्ष 2018 में 3689 में यह बढ़कर तीन गुनी हो गई। 2019 में जनसंख्या पखवाड़ा शुरू होने के कुछ ही दिनों में संख्या 52 तक पहुंच चुकी है। ओवरऑल 338 ऑपरेशन हुए हैं जिसमें मुस्लिम महिलाओं की संख्या 65 है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कॉपर-टी के जरिए भी परिवार को छोटा रखने का उपाय हिंदू की अपेक्षा मुस्लिम महिलाओं ने ज्यादा अपनाया है। 

बढ़ती जनसंख्या को लेकर हाई रिस्क जोन में शामिल 
जिले की प्रजनन दर तीन प्रतिशत से ज्यादा है। इसलिए जिले को हाई रिस्क जिले में शामिल किया गया है। इस दर को 2.1 तक लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा चलाया जा रहा है। 

अस्थायी उपचार को बना रही सहारा 
अलीगढ़ की महिलाएं परिवार नियोजन में अस्थायी उपचार का भी सहारा ले रही हैं। जिला महिला हॉस्पिटल में नवंबर 2017 में लांच किये गये गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा और छाया टैबनेट को एक हजार से ज्यादा महिलाएं अपना चुकी हैं।  

कुल 36,73,889 जिले की आबादी 
साल 2011 की जनगणना के मुताबिक अलीगढ़ जिले की कुल आबादी 36,73,889 है। जिनमें से 19,51,996 पुरुष जबकि 17,21,893 महिलाएं हैं। 0-6 आयु वर्ग के बच्चों की जनसंख्या 5,74,509 है। जो कुल जनपद की जनसंख्या का 15.64 प्रतिशत है। 

अलीगढ़ की जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं में परिवार नियोजन के प्रति तेजी से जागरुकता आई है। जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़े में मुस्लिम महिलाएं स्वयं नसबंदी ऑपरेशन कराने अस्पताल पहुंच रही हैं। अंतरा और छाया में भी बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी कर रही हैं। 

अलीगढ़ के सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग परिवार कल्याण कार्यक्रमों की जानकारी हर किसी को देने का प्रयास कर रहा है। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र, सभी में उनके कार्यकर्ता पूरी ताकत से जुटे हैं। संस्थागत प्रसव के साथ परिवार कल्याण पर पूरा जोर दिया जा रहा है। पहले के मुकाबले अब मुस्लिम महिलाओं में नसबंदी के प्रति रुझान बढ़ा है। 
 

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