किशनगंज: स्वस्थ परिवार से सतत विकास तक: जिले में 07 से 26 सितंबर तक चलेगा मिशन परिवार विकास अभियान
अवधेश झा की रिपोर्ट किशनगंज, निज संवाददाता परिवार नियोजन केवल बच्चों की संख्या

अवधेश झा की रिपोर्ट किशनगंज, निज संवाददाता
परिवार नियोजन केवल बच्चों की संख्या तय करने का विषय नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ परिवार, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के बेहतर भविष्य और मजबूत अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। जब दम्पति अपनी इच्छा और परिस्थितियों के अनुरूप परिवार का आकार तय कर पाते हैं तथा बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखते हैं, तो मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल संभव होती है। इसका सीधा संबंध सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से भी है। विशेष रूप से बेहतर स्वास्थ्य एवं कल्याण, लैंगिक समानता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, गरीबी में कमी और असमानता घटाने जैसे लक्ष्यों की प्राप्ति में परिवार नियोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी व्यापक उद्देश्य के साथ जिले में मिशन परिवार विकास अभियान 2026 संचालित किया जाएगा।
परिवार नियोजन अभियान की जानकारी
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार 07 से 26 सितंबर 2026 तक चलने वाले अभियान के तहत 07 से 13 सितंबर तक दम्पति सम्पर्क सप्ताह और 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। अभियान में लोगों को परिवार नियोजन की उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देने, योग्य दम्पतियों को परामर्श उपलब्ध कराने और इच्छुक लाभार्थियों को स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा।
परिवार नियोजन और विकास लक्ष्य
परिवार नियोजन का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता। उचित अंतराल से गर्भधारण होने पर महिलाओं को गर्भावस्था के बीच पर्याप्त समय मिलता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। वहीं बच्चों के बीच उचित अंतराल से उनके पोषण, टीकाकरण, शिक्षा और देखभाल पर परिवार बेहतर ध्यान दे सकता है। यही कारण है कि परिवार नियोजन को सतत विकास के व्यापक एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। छोटे और नियोजित परिवारों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है और महिलाओं को शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक निर्णयों में अधिक अवसर मिलते हैं। इस प्रकार परिवार नियोजन स्वास्थ्य से लेकर महिला सशक्तीकरण और आर्थिक स्थिरता तक कई विकास आयामों को प्रभावित करता है।सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि परिवार नियोजन को केवल गर्भनिरोधक साधनों के इस्तेमाल तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। यह सुरक्षित मातृत्व, महिला स्वास्थ्य, बच्चों के बेहतर विकास और परिवार की आर्थिक स्थिरता से जुड़ा व्यापक कार्यक्रम है। अभियान के माध्यम से दम्पतियों को उनकी आवश्यकता और पसंद के अनुसार सही जानकारी एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
जागरूकता अभियान के माध्यम से संपर्क
जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ मुनाजिम ने बताया कि अभियान के दौरान सामुदायिक स्तर पर परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता बढ़ाने की योजना है। आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी और विकास मित्र घर-घर जाकर दम्पतियों से संपर्क करेंगे। उन्हें बच्चों के बीच उचित अंतराल और परिवार नियोजन के उपलब्ध अस्थायी एवं स्थायी साधनों की जानकारी दी जाएगी।जो दम्पति परिवार नियोजन की किसी सेवा को अपनाना चाहेंगे, उन्हें संबंधित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में भी सामुदायिक कार्यकर्ता सहयोग करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी और सेवा के बीच कोई अंतर न रहे।
सामूहिक भागीदारी का महत्व
जिला प्रशासन ने सामूहिक भागीदारी पर दिया जोर
जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि मिशन परिवार विकास अभियान को प्रभावी बनाने में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जीविका दीदियों और विकास मित्रों के सहयोग से परिवार नियोजन का संदेश जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकता है।अभियान को स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखते हुए विभिन्न विभागों और जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग लिया जाएगा। सांसद, विधायक, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, शहरी स्थानीय निकाय और सिविल सोसायटी को भी जागरूकता गतिविधियों से जोड़ने की योजना है।


