नौकरी के नाम पर ठगी में 7 गिरफ्तार, 30 ट्रेनी कराए गए मुक्त
जौनपुर के पचहटिया में फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग और पिरामिड चेन नेटवर्क का मामला सामने आया है। बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर 30 युवाओं को बंधक बनाया गया था। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और सरगना के 34 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला।

जौनपुर, कार्यालय संवाददाता। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया में फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग और पिरामिड चेन नेटवर्क चलाकर बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर ठगने, ट्रेनिंग के नाम पर 30 युवाओं को बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बंधक ट्रेनियों (प्रशिक्षुओं) को मुक्त कराया। छानबीन में पता चला कि सरगना करीब 34 करोड़ रुपये का लेनदेन कर चुका है। गिरोह ने जौनपुर से आधा दर्जन राज्यों में जाल फैलाया था। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने मंगलवार को मामले का खुलासा किया। बताया कि सोमवार को एसएसपी के फोन पर किसी ने सूचना दी कि ट्रेनिंग के नाम पर करीब 30 युवाओं को कुछ लोगों ने लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया में बंधक बना रखा है, पुलिस ने मौके पर दबिश दी। वहां से 30 ट्रेनियों को मुक्त कराया। पूछताछ और जांच के दौरान पता चला कि मे. अर्थ इंटरप्राइजेज के नाम से फर्जी कंपनी तथा रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लि. के नाम से मल्टी लेवल मार्केटिंग का काम किया जा रहा था। यहां बैठकर आरोपियों द्वारा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के बेरोजगार युवाओं को फोन कर वाराणसी बुलाया जाता था। यहीं से सबको ठगा जाता था। पुलिस ने वाराणसी निवासी राहुल राजभर और अरविंद राजभर, बांदा निवासी संतोष कुमार पटेल, सुल्तानपुर निवासी हवलदार पाल, प्रदीप पाल, कन्नौज निवासी चंदन दोहरे, जौनपुर के तिरोस राजभर को गिरफ्तार किया गया। इनकी अन्य डिटेल पुलिस अभी खंगाल रही है। आरोपियों के पास से 11 मोबाइल, एक थार जीप, एक बुलेट बाइक, एक अन्य बाइक, नगदी के साथ ही कई फर्जी तैयार दस्तावेज बरामद किए गए。
कैसे करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि 25 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी का लालच देकर इंटरव्यू लिया जाता था। ज्वाइनिंग/रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 30 से 35 हजार लिए जा रहे थे। बदले में एक-दो हजार रुपये के सामान जैसे कपड़े, तेल, साबुन आदि दिया जाता था। बाद में तीन-तीन नए सदस्य जोड़ने के लिए कहा जाता था। ऐसा न करने पर वेतन न देने और जमा धन वापस न करने की धमकी दी जाती थी। कंपनी संचालक यानी मुख्य सरगना राहुल राजभर के यूनियन बैंक खाते में लगभग 34 करोड़ के लेन-देन पाए गए।


