फर्जी बिल बनाकर भेजी नकली दवा
गुरुग्राम में टेल्मा-एएम ब्लड प्रेशर की फर्जी दवाओं का रैकेट पकड़ा गया है। अधिकारियों ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि फर्जी बिल बनाकर नकली दवाएं असली बताकर बेची जा रही थीं। यह नेटवर्क हरियाणा, दिल्ली और यूपी में फैला हुआ है।

गुरुग्राम,गौरव चौधरी। ब्लड प्रेशर की दवा टेल्मा-एएम के नाम पर चल रहे नकली दवा रैकेट की जांच तेज हो गई है। ड्रग कंट्रोल विभाग ने मामले में सोमवार को दूसरे आरोपी को अदालत में पेश किया, जिसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच में पता चला है कि फर्जी बिल बनाकर दुकानों पर नकली दवा भेजी जा रही थी। बड़ी फार्मा कंपनियों के नाम पर ब्लड प्रेशर की नकली दवाएं तैयार कर उन्हें असली बताकर बाजार में उतारा जा रहा था। आरोपियों ने दवाओं की सप्लाई को वैध दिखाने के लिए फर्जी बिल भी तैयार किए थे। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
जांच के दौरान मिली जानकारी
ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों के अनुसार,आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली थीं। उसके आधार पर दिल्ली पुलिस की मदद से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में दबिश दी गई, जहां से दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हरियाणा, दिल्ली और यूपी में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है। यह पता किया जा रहा है कि नकली बीपी की दवाओं की सप्लाई कितने समय से हो रही थी।
आरोपियों की गतिविधियाँ
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर अमनदीप चौहान ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की सप्लाई के दौरान फर्जी बिल और दस्तावेज उपलब्ध करा रहे थे, ताकि किसी को संदेह न हो। कम कीमत पर उपलब्ध होने से कई जगह दवाओं की खरीदारी भी की गई। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि नकली दवाओं की कितनी खेप बाजार तक पहुंची और कहां इसकी सप्लाई की गई।
स्वास्थ्य पर असर
अधिकारियों का कहना है कि टेल्मा-एएम उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने वाली महत्वपूर्ण दवा है। यदि मरीज को असली दवा की जगह नकली गोली मिल जाए तो उसका ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं होगा, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। दवाओं पर अंकित बैच नंबर की जांच में संबंधित निर्माता कंपनी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि यह दवा उन्होंने निर्मित नहीं की है।


