हाईकोर्ट में फर्जी शपथपत्र दाखिल करने पर एफआईआर
प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट में फर्जी शपथपत्र दाखिल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जेल में बंद आरोपियों के फर्जी हस्ताक्षर से दस्तावेज तैयार कर हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। आठ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट में फर्जी शपथपत्र दाखिल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जेल में बंद आरोपियों के फर्जी हस्ताक्षर से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दाखिल किया गया। वादी के अधिवक्ता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने दो महिला समेत आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
मामले की जानकारी
अधिवक्ता अनूप त्रिपाठी की तहरीर के मुताबिक, कानपुर के बिल्हौर थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के मुकदमा दर्ज है। मामले में वादी रिद्धि सोहिलगाला की ओर से हाईकोर्ट में अधिवक्ता अनूप त्रिपाठी पैरोकार हैं। आरोप है कि सात जनवरी 2025 की शाम चार बजे जिला कारागार कानपुर देहात में निरुद्ध प्रदीप बाजपेयी और दीपू के हस्ताक्षर वाला शपथपत्र हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। जबकि प्रदीप को बिल्हौर पुलिस seven जनवरी 2025 को दोपहर 12 बजे गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। गिरफ्तारी की सूचना सतेंद्र त्रिवेदी को भी दी गई थी। वहीं दीपू दिसंबर 2024 से न्यायिक हिरासत में था। इसके बावजूद उनके नाम और हस्ताक्षर से शपथपत्र तैयार कर हाईकोर्ट में दाखिल किया गया।
अन्य आरोप
शिकायत में सतेंद्र त्रिवेदी समेत अन्य लोगों पर कूटरचना, धोखाधड़ी और साजिश का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि अशोक निषाद, मंजू, सावित्री राजो, अरुण और सुरेश समेत अन्य लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर हाईकोर्ट में दाखिल किया। कैंट थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि नामजद एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।


