उम्र पर आस्था भाड़ी दंडवत पिता-पुत्र देवघर के लिए शुरू की कांवर यात्रा
निर्मल सिंह और उनके 12 वर्षीय पुत्र मनेंद्र ने अपने घर के पास कुलदेवता की पूजा के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर दंड प्रणाम यात्रा शुरू की। यह उनकी दूसरी यात्रा है। उनकी गहरी आस्था और श्रद्धा से प्रेरित होकर, पिता-पुत्र की जोड़ी 30 से 35 दिनों में कठिन यात्रा को पूरा करने का संकल्प ले रही है।

परबत्ता । एक प्रतिनिधि प्रखंड के दरियापुर भेलवा पंचायत अंतर्गत सिरिया टोला नयागांव निवासी निर्मल सिंह व उनके 12 वर्षीय पुत्र मनेंद्र ने शुक्रवार को अनोखी और आस्था से भरी देवघर यात्रा शुरू की। पिता-पुत्र अपने घर के समीप स्थित कुलदेवता के स्थान पर पूजा-अर्चना करने के बाद दंड प्रणाम करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए। निर्मल सिंह ने बताया कि वे दूसरी बार दंड प्रणाम के सहारे देवघर की यात्रा पर निकले हैं। उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ में उनकी गहरी आस्था है और उनकी कृपा से ही इतनी कठिन यात्रा करने का साहस मिलता है। इस बार अपने 12 वर्षीय पुत्र मनेंद्र के साथ बाबा धाम जाने का संकल्प लिया है।
पिता के साथ कदम से कदम मिलाकर दंड प्रणाम करते हुए आगे बढ़ रहा मासूम मनेंद्र लोगों के लिए आस्था, संस्कार और श्रद्धा की मिसाल बना हुआ है। रास्ते में पिता-पुत्र को देखने वाले लोग उनकी श्रद्धा को नमन करते हुए बाबा भोलेनाथ के जयकारे लगा रहे हैं। मनेंद्र पांचवी कक्षा का छात्र है। निर्मल सिंह ने कहा कि बाबा के दरबार तक पहुंचना ही सबसे बड़ा उद्देश्य है। रास्ता कितना भी कठिन हो, भोले बाबा की कृपा और विश्वास के सहारे यात्रा पूरी होती है। यह यात्रा 30 से 35 दिनों में तय कर लेते है।


