रीढ़, गले में भी पहुंच रहा टीबी का बैक्टीरिया
मुजफ्फरपुर में फेफड़ों से टीबी का बैक्टीरिया अब शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल रहा है। मार्च से अगस्त तक चले टीबी मुक्त अभियान में 860 मरीजों में एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी पाया गया है। मेडिकल कॉलेज में टीबी के कई मरीज सामने आए हैं, जिनमें पेट के टीबी के 125 मामले शामिल हैं।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। फेफड़ों से टीबी का बैक्टीरिया अब शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंच रहा है। मार्च से अगस्त तक चले टीबी मुक्त अभियान के दौरान मरीजों की स्क्रीनिंग में यह बात सामने आई है। टीबी मुक्त स्क्रीनिंग अभियान के दौरान पूरे बिहार में लगभग पांच हजार और मुजफ्फरपुर में 860 मरीजों में एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी पाया गया है। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सीके दास का कहना है कि एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी में बीमारी का बैक्टीरिया शरीर के दूसरे हिस्सों को अपने संक्रमण की जद में ले लेता है। जांच के दौरान गले और रीढ़ में भी टीबी का संक्रमण पाया गया है। टीबी मुक्त अभियान के दौरान मुजफ्फरपुर में 5340 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान टीबी का संक्रमण ग्रंथियों में भी पाया गया।
मेडिकल कॉलेज में भी मिल रहे हैं मरीज
एसकेएमसीएच की मेडिसिन विभाग की डॉ. नेहा ने बताया कि एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के मरीज मेडिकल कॉलेज में भी मिल रहे हैं। बताया कि इस बीमारी में टीबी के जीवाणु फेफड़ों के अलावा लिम्फ नोड, हड्डी, मस्तिष्क, पेट या किडनी जैसे अन्य अंगों को प्रभावित करते हैं। फेफड़ों से टीबी के जीवाणु खून या लसीका (लिम्फ) के माध्यम से शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में संक्रमण के अन्य अंगों तक फैलने का खतरा अधिक होता है।
पेट के टीबी के सैकड़ों मरीज सामने आये
स्क्रीनिंग के दौरान पेट के टीबी के सैकड़ों मरीज मिले हैं। मुजफ्फरपुर में ही पेट के टीबी के 125 मरीज मिले हैं। इन मरीजों कई कम उम्र के भी हैं। डॉ. सीके दास के मुताबिक राहत की बात यह है कि स्क्रीनिंग में हृदय के टीबी मरीज काफी कम मामले मिले हैं। मुजफ्फरपुर में सिर्फ दो ही केस इस बीमारी के जांच के दौरान मिले हैं। इसके अलावा मेनेंजाइटिस टीबी (दिमागी टीबी) के मामले भी स्क्रीनिंग के दौरान मिले हैं।
राज्य में एक लाख टीबी के सक्रिय मरीज
बिहार में टीबी के एक लाख सक्रिय मरीज हैं। मुजफ्फरपुर में 10 हजार टीबी के सक्रिय मरीज की जानकारी विभाग ने दी है। टीबी मुक्त अभियान के दौरान मिले अलग-अलग टीबी के मरीजों को दवा दी गई है और उनका फॉलोअप किया जा रहा है। टीबी मुक्त अभियान के दौरान मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए एआई युक्त एक्स-रे की मशीनें सभी जिलों को दी गई थीं।


