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23 सितम्बर, 2020|7:38|IST

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विशेषज्ञों को आशंका, हिंद महासागर में चीन का रुख स्थिरता को करेगा प्रभावित

indo specific ocean  file pic

रक्षा एवं रणनीतिक विशेषज्ञों ने सोमवार ने कहा कि हिंद महासागर में चीन का रुख क्षेत्र में स्थिरता और शांति को प्रभावित करेगा।राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के कमांडेंट वाइस-एडमिरल प्रदीप कौशिव ने कहा कि चीन की 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) लंबे समय से हिंद महासागर में नौसेनिक ठिकाना स्थापित कर रही है।

वाइस-एडमिरल कौशिव ने 'तिलोत्तमा फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा कि पीएलए की नौसेना को चीन से भौगोलिक दूरी को कम करने के लिए बड़ी संख्या में ऐसे बेस की आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने कहा, ''ऐसी परिस्थिति में हिंद महासागर में अशांति उत्पन्न होने की आशंका है।

उन्होंने कहा, ''विस्तारवादी चीन पर अंकुश लगाने और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत वाले 'क्वाड सिक्योरिटी डायलॉग को आगे बढ़ाने की जरूरत है। नवंबर 2017 में, चार देशों ने हिंद-प्रशांत में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को किसी भी प्रभाव से मुक्त रखने के लिए एक नई रणनीति विकसित करने के लिए "क्वाड" या चतुर्भुज सहयोग को आकार दिया था।

ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) के डेविड ब्रियूस्टर ने कहा कि हिंद महासागर में चीन का दृष्टिकोण राजनीतिक और रणनीतिक है। ब्रियूस्टर एएनयू में नेशनल सिक्युरिटी कॉलेज के साथ एक वरिष्ठ रिसर्च फेलो हैं, जहां वह दक्षिण एशियाई और हिंद महासागर रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ हैं।

उन्होंने कहा, "पिछले छह महीनों में ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच संबंधों में काफी गिरावट आई है क्योंकि हमारे देश ने कोविड-19 संकट की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि इसके बाद, बीजिंग ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रतिबंध लगाए थे।उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में चीन के प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं और क्वाड को विश्वसनीय समूह बनाने का समय आ गया है।

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  • Web Title:Experts fear China stance in Indian Ocean will affect stability