कक्षा तीन से पांच तक के छात्र पर्यावरण अध्ययन में भी होंगे निपुण
- निपुण मिशन में गणित-भाषा के साथ इसमें भी होंगे दक्ष - सभी ब्लॉक

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता
परिषदीय स्कूलों में निपुण भारत मिशन का विस्तार कक्षा तीन से लेकर कक्षा पांच तक किया गया है। अभी तक बाल वाटिका से कक्षा दो तक के छात्रों को भाषा व गणित में दक्ष बनाने का लक्ष्य तय किया गया था। अब इन कक्षाओं के साथ कक्षा तीन से पांच तक में गणित व भाषा के साथ ही पर्यावरण अध्ययन में भी छात्र निपुण बनाए जाएंगे।
निपुण भारत मिशन के दिशा-निर्देश
अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश शुक्रवार को जारी कर दिए गए। कक्षा तीन से कक्षा पांच तक निपुण भारत मिशन का विस्तार किया जाएगा। जिसके तहत छात्र हिंदी, अंग्रेजी, गणित के साथ-साथ पर्यावरण अध्ययन में भी दक्ष बनाए जाएंगे। अलग-अलग कक्षाओं के अनुसार निपुण बनाने के लिए गाइडलाइन तय की गईं हैं। विद्यार्थियों छोटी कक्षाओं में पढ़ने के लिए सीखने से कक्षा तीन से कक्षा पांच में सीखने के लिए पढ़ने की ओर आगे बढ़ते हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) निपुण भारत मिशन के अनुसार ई कंटेंट दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध कराएगा। निपुण विद्यालय आंकलन के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। बाल वाटिका से लेकर कक्षा पांच तक निपुण लक्ष्य के बारे में शिक्षकों व शिक्षाधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। स्कूलों की निगरानी व लक्ष्य प्राप्ति के लिए उनकी हर महीने जांच के लिए ब्लॉक स्तर पर कमेटी गठित होगी। बीईओ की अध्यक्षता में यह कमेटी बनेगी। जिसमें सीडीपीओ व ब्लॉक के हिंदी व गणित के उत्कृष्ट शिक्षक भी शामिल होंगे। निपुण भारत मिशन के लिए राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) को पदेन मिशन निदेशक नामित किया गया है。
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