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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से रोजगार घटने की आशंका निर्मूल: महेंद्र नाथ पांडेय

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय का कहना है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को मौजूदा जरूरतों के हिसाब से नए सिरे से तैयार किया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमता का प्रचलन बढ़ने से रोजगार में कमी आने की शंकाओं को भी खारिज करते हुए वे कहते हैं कि यह चिंता वैसी ही है जैसी कंप्यूटरीकरण के समय की गई थी। कौशल विकास और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर उनसे हुई मदन जैड़ा की बातचीत के प्रमुख अंश-

कौशल विकास के क्षेत्र में अब क्या नए कदम उठाने जा रहे हैं?

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का पहला चरण 2020 में पूरा हो रहा है। इसके बाद दूसरे चरण की शुरुआत की जाएगी। उद्यमशीलता में आए बदलावों एवं पहले चरणों के अनुभवों को शामिल करते हुए अगला चरण तैयार होगा। मौजूदा जरूरतों के हिसाब से नया कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। दूसरे हम इसमें बड़े उद्योगों टाटा आदि को शामिल करते हुए मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की भूमिका भी बढ़ाएंगे। ताकि उनकी जरूरतों के हिसाब से श्रमशक्ति तैयार हो सके। इसके साथ ही उद्योग जगत के साथ गठित स्किल सेक्टर काउंसिलों की भूमिका को भी बढ़ा रहे हैं। 

जो कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, उनके रोजगार की स्थिति क्या है?

ज्यादातर लोगों को रोजगार मिल रहा है। इस मामले में हम और बेहतर स्थिति सामने लाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों की एक साल तक जानकारी रखने पर विचार कर रहे हैं। अभी हम सिर्फ तीन महीने तक ही उन्हें ट्रैक करते हैं। यदि तीन महीने तक किसी को रोजगार नहीं मिलता है तो यह कहना सही नहीं होगा कि उसे आगे भी रोजगार नहीं मिलेगा।

कौशल शिक्षा को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने में कितनी सफलता अब तक मिली है?

इस पर भी साथ-साथ काम चल रहा है। जब योजना का दूसरा चरण पूरा होगा तो इस मुद्दे को भी शामिल करेंगे।

आज उद्योग जगत में कृत्रिम बुद्धिमता का इस्तेमाल बढ़ रहा है, ऐसे में कौशल विकास की अहमियत कितनी रह जाएगी?    

ये शंका गलत है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल बढ़ने से नौकरियां कम हो जाएंगी। 80-90 के दशक में जब कंप्यूटर आया था तब भी यही आशंका व्यक्त की गई थी कि हाथ से काम करने वाले अब बेकार हो जाएंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिस कंप्यूटर को नौकरी के लिए खतरा माना जा रहा था, उसी क्षेत्र में आज सबसे ज्यादा रोजगार हैं।

'आपके विचार से रोजगार कैसे बढ़ेंगे?

देखिए, आज देश में लोगों के जीवन स्तर में तेजी से सुधार आ रहा है। जो पहले मध्यम वर्ग था वह उच्च वर्ग में तब्दील हो रहा है। जो नीचे का तबका था वह मध्यम वर्ग में आ रहा है। इससे उनकी जरूरतें बढ़ रही हैं। उनकी सुविधाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है। जब लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा और उनकी आवश्यकताएं बढ़ेंगी तो इससे रोजगार के अवसर बढेंगे। मेरा मानना है कि आने वाले समय में रोजगार एवं उद्यमशीलता में लगातार बढ़ोत्तरी होगी। 

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डवलपमेंट कहां-कहां स्थापित किए जा रहे हैं?

अभी तीन प्रस्ताव हैं। मुंबई में पहला इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डवलपमेंट स्थापित होने जा रहा है। पीपीपी मॉडल में टाटा के साथ इसकी स्थापना की जा रही है। इसकी लागत करीब तीन सौ करोड़ रुपये है। इसके बाद अहमदाबाद और कानपुर में भी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डवलपमेंट की स्थापना की जाएगी। 

'एक सवाल कश्मीर पर, क्या अनुच्छेद 370 खत्म होने से कश्मीर समस्या का समाधान निकलेगा?

निश्चित रूप से। अनुच्छेद 370 खत्म होने से कश्मीर आधुनिक भारत का हिस्सा बन गया है। वहां की जनता को जनहित के कानूनों का लाभ मिलेगा। वहां का युवा हाथों में पत्थर या बंदूक उठाने की बजाय देश के भीतर शुकून से जी सकेगा। 

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  • Web Title:exclusive interview with minister mahendra nath pandey