घुमंतू विकास बोर्ड से बदलेगी समाज की तस्वीर, रामनगर बस्ता में ढोल-नगाड़ों संग मनाई खुशी
घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समाज के बीच प्रदेश सरकार के घुमंतू विकास बोर्ड के गठन की मंजूरी से उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताने के लिए समुदाय के लोग मौजूद रहे। राज्यमंत्री असीम अरुण ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया, जिससे शिक्षा, रोजगार और आवास जैसी सुविधाएं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जाएंगी।

ठठिया, संवाददाता। वर्षों से स्थायी आवास, शिक्षा, रोजगार और सरकारी सुविधाओं की पहुंच से जूझ रहे घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समाज के बीच प्रदेश सरकार के घुमंतू विकास बोर्ड के गठन की मंजूरी से उत्साह का माहौल है। शनिवार को रामनगर बस्ता में समुदाय के लोगों ने ढोल-नगाड़ी के साथ खुशी मनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, समाज के प्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे। धन्यवाद कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया और सरकार के निर्णय को लेकर खुशी जाहिर की। ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच लोगों ने धन्यवाद योगी जी के नारे लगाए। राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए बोर्ड का गठन ऐतिहासिक निर्णय है। सरकार का प्रयास है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि बोर्ड के माध्यम से समुदाय के अधिकारों, सुरक्षा और विकास को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा, रोजगार, आवास, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की पहुंच जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने में बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का उद्देश्य किसी भी वर्ग को विकास की दौड़ में पीछे न रहने देना है। कार्यक्रम में आयोजक सतीश नायक, गेंदालाल नायक, अजय वर्मा ब्लॉक प्रमुख उमर्दा, राजन अवस्थी मंडल अध्यक्ष, आरपी अरुण, अंकुर कटियार, राहुल नायक और ओमकार नायक सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे。
लंबे इंतजार के बाद मिली नई उम्मीद
घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदाय लंबे समय से अपनी अलग सामाजिक परिस्थितियों के कारण कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहा है। समुदाय के लोगों का कहना है कि स्थायी ठिकाना न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित होती है और परिवारों को रोजगार के स्थायी अवसर भी आसानी से नहीं मिल पाते। सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने में भी कई तरह की परेशानियां सामने आती रही हैं। अब विकास बोर्ड के गठन की मंजूरी के बाद समुदाय को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं को एक मंच पर उठाने और संबंधित विभागों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी। लोगों ने फैसले को अपने भविष्य के लिए सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बताया।


