वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी के सेटअप निर्माण की तैयारी तेज
वायरस और उनसे होने वाले संक्रमणों की पहचान, शोध एवं निगरानी की जाएगी लेबोरेटरी

भागलपुर, वरीय संवाददाता। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में वायरस और उनसे होने वाले संक्रमणों की पहचान, शोध एवं निगरानी के लिए वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी (वीआरडीएल) स्थापित करने की तैयारी जारी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर लैब निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है। प्राचार्य ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्थापित होने वाली इस अत्याधुनिक लैब के संचालन के लिए आवश्यक यूनिट को पहले ही तैयार कर लिया गया है। इधर, विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आसिफ अली हसन ने बताया कि लैब शुरू होने के बाद विभिन्न वायरस की जांच, उनके स्ट्रेन की पहचान तथा संक्रमण के स्वरूप पर शोध कार्य स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि अनौपचारिक रूप से लैब का संचालन जारी है। लेकिन अबतक इसके सेटअप का निर्माण नहीं हुआ है। तीन बार टेंडर भी निकाला गया। दो से तीन माह में लैब निर्माण का काम होने की संभावना है। प्राचार्य की पहल से एक बार फिर से परिसर निर्माण का टेंडर निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि इस लैब के लिए कुछ सामान उपलब्ध हैं। वहीं एलाइजा, बायो सेफ्टी कैबिनेट, आरटीपीसीआर जांच की अत्याधुनिक मशीनें समेत अन्य उपकरण को लगाया जाएगा। लैब के लिए दो कर्मियों को नियुक्त किया गया है, दो कर्मी की बहाली जल्द की जाएगी। यहां इंफ्लूएंजा, कोविड, डेंगू, हेपेटाइटिस बी एंड सी, एचबीएस एसी, एचआईवी, स्क्रब टाइफस जैसी जांच आसानी से किए जाएंगे。
संक्रमण की स्थिति में त्वरित निगरानी होगी
अभी तक कई प्रकार के वायरस के सैंपल और उनके विश्लेषण के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे जैसे दूसरे संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। वीआरडीएल लैब पूरी तरह से फंक्शनल होने के बाद जेएलएन मेडिकल कॉलेज इस क्षेत्र में काफी हद तक आत्मनिर्भर बन जाएगा। इससे जांच रिपोर्ट मिलने में कम समय लगेगा और संक्रमण की स्थिति में त्वरित निगरानी एवं नियंत्रण की रणनीति तैयार करने में भी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार दिसंबर 2024 से स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) की ओर से महामारियों और राष्ट्रीय आपदाओं के प्रबंधन के लिए 163 उन्नत वायरल अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशालाओं (वीआरडीएल) की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। भागलपुर समेत देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अनुसंधान संस्थानों में कुल 163 वायरल अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशालाओं को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है।


