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28 सितम्बर, 2020|10:58|IST

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पर्यावरण मंत्रालय की मूल्यांकन समिति ने संसद भवन के विस्तार प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की सिफारिश की

constitution amendment bill can be introduced in parliament today this old system may end

पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने मौजूदा संसद भवन के विस्तार और नवीनीकरण के लिए पर्यावरणीय मंजूरी देने की सिफारिश की है। नया संसद भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना का एक हिस्सा है जिसमें 922 करोड़ रुपये की लागत से मौजूदा इमारत से सटे जमीन पर एक नया संसद परिसर बनाना शामिल है।

बता दें कि भवन और नवीनीकरम के लिए 21.25 एकड़ क्षेत्र है। जबकि 1,09,940 वर्गमीटर के क्षेत्र में 233 पौधारोपण भी किए जाने की आवश्यकता होगी। कोरोना लॉकडाउन की वजह से कुछ चुनिंदे राजनीतिक पार्टियों की ओर से सेंट्रल विस्टा परियोजना को फिलहाल के लिए टालने की बात कही गई थी। इसके अलावा इस सिंगल प्रोजेक्ट को पर्यावरण से मंजूरी मिलने के लिए इस प्रोजेक्ट को कई भागों में तोड़ने की बात भी की गई थी। 

क्या है विस्टा प्रोजेक्ट

संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय और इसके आसपास राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले हरित क्षेत्र में मौजूद सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास की महत्वाकांक्षी योजना को आकार दिया जाएगा। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर के दायरे में मौजूद 'सेंट्रल विस्टा क्षेत्र' को 2021 तक नया रूप दिया जाना है। जबकि मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक संसद भवन की नई इमारत का निर्माण 2022 तक और तीसरे चरण में सभी केन्द्रीय मंत्रालयों को एक ही स्थान पर समेकित करने के लिये प्रस्तावित समग्र केन्द्रीय सचिवालय का निर्माण 2024 तक करने का लक्ष्य है।

क्या होगा विस्टा में

सेंट्र्ल विस्टा परियोजना के तहत नए सचिवालय में 10 भवन बनाए जाएंगे। संसद भवन के ठीक बगल में नया संसद बनाया जाएगा। नॉर्थ और साउथ ब्लाक को एक कर म्यूजियम में परिवर्तित किया जाएगा, साथ ही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) को उसके वर्तमान स्थल से कहीं और स्थानांतरित किया जा सकता है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों के लिए एक साझा केंद्रीय सचिवालय निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए आईजीएनसीए इमारत के अलावा उद्योग भवन, निर्माण भवन, शास्त्री भवन, उपराष्ट्रपति आवास सहित नौ अन्य इमारतों को ध्वस्त किया जा सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय अभिलेखागार के मॉडल को भी बदला जाएगा। 


 

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  • Web Title:Environment ministry ministry clears way for new Parliament building