अनियमितता : अभय तिवारी के भाई ने भी निकाला था सीजीएल
गुरुवार को सीआईडी ने इस दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। दोनों की गिरफ्तारी भी सीआईडी इस मामले में कर सकती है।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। जेपीएससी परीक्षा में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी के सगे भाई अक्षय तिवारी व अक्षय की पत्नी की बहाली भी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के जरिए हुई थी। अक्षय 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा में भी उत्तीर्ण हुआ था। जांच में पूर्व में यह बात भी साने आयी थी कि टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर के पद पर रहते हुए अभय तिवारी ने खुद भी कई परीक्षाएं दी थीं, जिसमें वह उत्तीर्ण रहा था। सीजीएल परीक्षा में पास होने के बाद वह पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित था।
अक्षय तिवारी की बहाली
वहीं अभय तिवारी का भाई अक्षय तिवारी की तैनाती महिला बाल विकास विभाग में हुई थी, लेकिन वहां से उसकी प्रतिनियुक्ति बाल संरक्षण विभाग में हुई थी। जेएसएससी में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जेएसएससी अधिकारियों की मिलीभगत से अक्षय तिवारी के भी पीटी में उतीर्ण होने का अंदेशा जताया जा रहा है। गुरुवार को सीआईडी ने इस मामले में दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। दोनों की गिरफ्तारी भी सीआईडी इस मामले में कर सकती है।
किस तरह से गड़बड़ी का अंदेशा
जानकारी के मुताबिक, गिरोह के द्वारा काफी फूलप्रूफ तरीके से गड़बड़ी की जाती थी। ओएमआर शीट को परीक्षा के दौरान खाली छोड़ दिया जाता था। इसके बाद एजेंसी में ओएमआर शीट को भेजे जाने के पूर्व कार्बन रख कर ओएमआर शीट को सही तरीके से भर दिया जाता था। हालांकि 14वीं पीटी परीक्षा के दौरान एक ओएमआर शीट की तस्वीर वायरल हो गई, जिसमें महज 48 सवालों के जवाब दिए गए थे, जबकि वह ओएमआर शीट जिस अभ्यर्थी का था, वह परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित हुआ था।


