हिन्दुस्तान एक्सक्लुसिव- जिले में सरकारी स्कूलों का नामांकन 8,198 घटा
हिन्दुस्तान एक्सक्लुसिव- जिले में सरकारी स्कूलों का नामांकन 8,198 घटा हिन्दुस्तान एक्सक्लुसिव- जिले में सरकारी स्कूलों का नामांकन 8,198 घटाहिन्दुस्तान

कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले के सरकारी विद्यालयों में नामांकन को लेकर ई-शिक्षाकोष पोर्टल के ताजा आंकड़ों ने नई तस्वीर सामने रखी है। वर्ष 2025-26 की तुलना में 2026-27 में जिले का कुल नामांकन 5,79,933 से घटकर 5,71,735 (लगभग 8,198 विद्यार्थियों की कमी) रह गया है। सबसे अधिक गिरावट कक्षा एक में नए नामांकन में दर्ज की गई है, जबकि कक्षा छह, नौ और ग्यारह में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे स्पष्ट है कि शुरुआती कक्षाओं में बच्चों को स्कूल तक लाने की चुनौती बनी हुई है, जबकि उच्च कक्षाओं में विद्यार्थियों की निरंतरता बेहतर हुई है। ई-शिक्षाकोष के अनुसार जिले में कक्षा एक में पिछले वर्ष की तुलना में 5,379 बच्चों का नामांकन कम हुआ है। वहीं कक्षा पांच से छह में संक्रमण के दौरान 12,000 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी, कक्षा eight से नौ में 11,049 तथा कक्षा 10 से 11 में करीब 9,100 से अधिक विद्यार्थियों की वृद्धि दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि ड्रॉपआउट दर में कमी लाने और उच्च कक्षाओं तक विद्यार्थियों को बनाए रखने के प्रयासों का सकारात्मक असर दिख रहा है।
प्रखंडवार आंकड़े
प्रखंडवार आंकड़ों में कदवा में सबसे अधिक 957, मनिहारी में 875, बरारी में 844, आजमनगर में 816 तथा कोढ़ा में 1,073 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है। वहीं हसनगंज ऐसा प्रखंड रहा, जहां नामांकन में 348 विद्यार्थियों की वृद्धि हुई। मनसाही में 62, समेली में 189 तथा प्राणपुर में 515 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि अलग-अलग प्रखंडों में नामांकन की स्थिति भिन्न है और स्थानीय स्तर पर विशेष रणनीति की जरूरत है। शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालयों में प्रवेश अभियान, अभिभावकों से संवाद, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से नामांकन बढ़ाने के प्रयास तेज किए जाएंगे। विशेष रूप से पहली कक्षा में नए बच्चों के नामांकन पर जोर दिया जाएगा ताकि आधारभूत शिक्षा मजबूत हो सके।
वर्जन
ई-शिक्षाकोष के माध्यम से नामांकन की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन प्रखंडों में नामांकन में कमी दर्ज हुई है, वहां विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए बच्चों को विद्यालय से जोड़ा जाएगा। कक्षा एक में नामांकन बढ़ाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जबकि उच्च कक्षाओं में विद्यार्थियों की निरंतरता बनाए रखने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय को नामांकन लक्ष्य पूरा करने और कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहे, इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
राहुल चन्द्र चौधरी, डीईओ, कटिहार


