राजनीतिक पाठशाला को ले प्रबुद्ध महिलाओं की बैठक
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने हेतु कार्यक्रम में नेताओं ने महिलाओं के नेतृत्व कौशल और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। पूर्व विधायक डॉ उषा विद्यार्थी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को राजनीतिक प्रक्रिया और राष्ट्र निर्माण से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।

नेतृत्व क्षमता विकसित करने, राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने और अधिक महिलाओं को कार्यक्रम से जोड़ने पर जोर आरा, निज प्रतिनिधि। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित महिलाओं की राजनीतिक पाठशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर समाज की प्रबुद्ध एवं जागरूक महिलाओं की बैठक सोमवार को की गई।
बैठक का उद्देश्य
बैठक में महिलाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका मजबूत करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर पूर्व विधायक सह प्रदेश प्रवक्ता डॉ उषा विद्यार्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल राजनीति में भागीदारी तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देना जरूरी है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि महिलाओं की राजनीतिक पाठशाला के माध्यम से इच्छुक एवं प्रतिभाशाली महिलाओं को राजनीतिक प्रक्रिया, नेतृत्व कौशल, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा। बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने और अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ने का संकल्प लिया गया। मौके पर पूर्व विधायक आशा देवी, सीतल जी, भाजपा महिला जिलाध्यक्ष सुषुमलता कुशवाहा, कृष्णा देवी, रूबी तिवारी, उषा चौबे, शालिनी सिंह, ममता सिंह, चुनी पांडे, मधु मिश्रा, करुणा कुमारी, पुष्पा सिंह कुशवाहा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे।


