दलमा : ग्राम सभा के सशक्तीकरण पर दिया बल
चांडिल में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन द्वारा ग्रामसभा सशक्तिकरण, पेसा कानून और वनाधिकार कानून पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक एवं आदिवासी संगठनों की भागीदारी रही, जहाँ ग्रामसभा के प्रतिनिधियों को अधिकारों एवं सुरक्षा पर विचार साझा किए गए। जंगलों की कटाई पर भी चिंता जताई गई।

चांडिल, संवाददाता। ग्रामसभा सशक्तिकरण, पेसा कानून तथा वनाधिकार कानून के नियमों, अधिकारों को लेकर शुक्रवार को दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी स्थित माकुलाकोचा में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के द्वारा ग्राम सभा प्रतिनिधियों का क्षमता विकास हेतु कार्यशाला शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक एवं आदिवासी समाज के संगठनों की सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता माकुलाकोचा के ग्रामप्रधान जयनाथ सिंह सरदार ने की। इस मौके पर वक्ताओं ने ग्रामसभा सशक्तीकरण के लिए अपने विचारों को व्यक्त किया। वक्ताओं ने पेसा कानून के तहत प्राप्त अधिकारों, नियमों और ग्रामसभा की भूमिका का व्याख्यान किया। इस दौरान दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में पर्यटन तथा विकास के नाम पर जंगल उजाड़ने का आरोप लगाया गया।
वक्ताओं ने कहा कि वन्य प्राणियों एवं प्रकृति के संरक्षण के बजाए वन विभाग उन्हें नष्ट करने को आतुर है। इस मौके पर रुपाय सिंह सरदार, सुखलाल पहाड़िया, रविन्द्र सरदार, गुरुचरण कर्मकार, हरीश चंद्र भूमिज, करमू मार्डी, बृहस्पति सिंह सरदार, जागरण पाल, धर्मेश, जेवियर कुजूर आदि मौजूद थे।फोटो न0 2: दलमा में कार्यक्रम के दौराम मौजूद ग्राम सभा के प्रतिनिधि


