मिशन शक्ति योजना: छात्राओं ने जाना सुरक्षा, सम्मान व अधिकार के नियम
बक्सर में 'मिशन शक्ति' योजना के तहत महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा और अधिकारों की जानकारी दी गई। छात्राओं को उत्पीड़न, हिंसा और बाल विवाह से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सेल्फ-डिफेंस और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।

युवा की लीड ------ जानकारी उत्पीड़न, हिंसा, बाल विवाह व भेदभाव से बचाव और ऐसी परिस्थितियों में उपलब्ध सहायता व संरक्षण सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया सेल्फ-डिफेंस व इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों से अवगत कराया गया गुड टच-बैड टच की पहचान करना और आत्मरक्षा की दी जानकारी फोटो संख्या 14 कैप्शन - शनिवार को मिशन शक्ति योजना के तहत बोक्सा में छात्राओं की समस्या सुनती शिक्षिका। बक्सर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में इन दिनों महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए ‘मिशन शक्ति’ योजना अंतर्गत निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों, रैलियों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत सदर प्रखंड के बोक्सा स्थित हाईस्कूल में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और उपस्थित लोगों को मिशन शक्ति योजना के विभिन्न घटकों के साथ महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार व सशक्तिकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सभी को महिलाओं व बच्चों के कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा यानी सेल्फ-डिफेंस और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों जैसे कि 1090, 181, 112 से भी अवगत कराया गया। विशेष कर स्कूली छात्राओं को किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न, हिंसा, बाल विवाह व भेदभाव से बचाव और ऐसी परिस्थितियों में उपलब्ध सहायता व संरक्षण सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें वन स्टॉप सेंटर और जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन के कार्यों समेत महिलाओं व छात्राओं को उपलब्ध सहायता के संबंध में बताया गया।
महिलाओं के लिए तत्काल सहायता
उत्पीड़न व शोषण से प्रभावित महिलाओं को तुरंत सहायता मिशन शक्ति योजना अंतर्गत आयोजित उक्त जागरूकता कार्यक्रम में स्कूल की बच्चियों ने सखी-वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली और 24 घंटे निःशुल्क मिनले वाली सहायता यानी घरेलू हिंसा, उत्पीड़न व शोषण से प्रभावित महिलाओं को तत्काल सहायता, परामर्श एवं कानूनी सहयोग के बारे में विस्तार से जाना। उन्हें महिला हेल्पलाइन नंबर 181, इमरजेंसी सेवा के 112, चाइल्डलाइन नंबर 1098 की निःशुल्क सेवा के बारे में बताया गया। छात्राओं की शिक्षा, स्वास्थ्य व आर्थिक सहायता को लेकर मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, कन्या विवाह योजना की जानकारी दी गई। जबकि महिलाओं की सुरक्षा, समानता व उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता को लेकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पोक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध के कानूनी नियमों को साझा किया गया। इसके साथ ही गुड टच-बैड टच की पहचान करना और आत्मरक्षा के विभिन्न आयामों की जानकारी दी गई।
साइबर अपराध के प्रति जागरूकता
साइबर अपराध के बारे में स्कूली बच्चों को जागरुक किया दिन-प्रतिदिन बढ़ते साइबर अपराध के बारे में स्कूली बच्चों को जागरुक करते हुए बताया गया कि जांच-परख कर ही ओटीपी का लेन-देन करें। पासवर्ड को किसी से साझा नहीं करें। सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सोच विचार करें। निजी फोटो वीडियो किसी के साथ साझा ना करें। बिना अनुमति निजी फोटो शेयर करने से बचें। धमकी मिलने पर चैट या फिर स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। साइबर अपराध होने पर तुरंत विश्वसनीय व्यक्ति और संबंधित व्यवस्था से सहायता लेनी चाहिए। अंत में सभी छात्राओं व शिक्षकों को हेल्पलाइन नंबर का पम्पलेट वितरित किया गया। कार्यक्रम में सखी केंद्र से केंद्र प्रशासक, मनोसामाजिक परामर्शी व स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित थे। (बक्सर से ज्ञानेन्द्र सोनी)


