अप्रत्याशित घटनाओं से निपटने को छात्राओं को दिया जाएगा आत्मरक्षा प्रशिक्षण
देवरिया में परिषदीय स्कूलों की छात्राओं को आत्मरक्षा के कौशल सिखाने की योजना है। यह प्रशिक्षण 48 दिनों तक चलेगा और छात्राओं को हैंड्स-ऑन तकनीकें सिखाई जाएंगी। इसके अंत में प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। प्रशिक्षण में महिलाएं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों की जानकारी दी जाएगी।

देवरिया, निज संवाददाता। परिषदीय स्कूलों, पीएमश्री और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ अब आत्मरक्षा के कौशल भी सिखाए जाएंगे। इसके जरिए किसी भी अप्रत्याशित घटना होने पर छात्राएं खुद की रक्षा कर सकेंगी। स्कूलों में यह प्रशिक्षण कुल 48 दिनों तक चलेगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छात्राओं का प्रमाण पत्र भी निर्गत किए जाएंगे।
छात्राओं की सुरक्षा के उपाय
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार गंभीर है। छात्राओं को मानसिक व शारीरिक रूप से शक्तिशाली बनाए जाने के उद्देश्य से जिले के कुल 749 उच्च प्राथमिक विद्यालय, कंपोजिट विद्यालय, पीएमश्री व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान के तहत बालिकाओं को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बकायदा मॉड्यूल तैयार किया गया है। मॉड्यूल में वार्मअप, पंच बांधना, स्टॉन्स व कुछ विशेष खेल की जानकारी दी गई है। व्यायाम शिक्षक और शारीरिक शिक्षा अनुदेशक छात्राओं को प्रशिक्षण देने का कार्य करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया जाएगा कि शरीर के किस अंग पर किस तरह से प्रहार करने पर हानि पहुंचाने वाला व्यक्ति चोटिल होगा। स्कूलों में 48 दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण में छात्राओं को शरीर के संवेदनशील अंगों की पहचान, जेंडर सशक्तिकरण व आत्मरक्षा किट तैयार करने जैसे विषयों से भी रूबरू कराया जाएगा। सभी स्कूलों में फरवरी 2027 तक प्रशिक्षण पूरा करना होगा।
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की जानकारी
छात्राओं को प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की जानकारी दी जाएगी। साथ ही महिला हिंसा से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु हेल्प नंबर के बारे में बताया जाएगा। जिला समन्वयक बालिका अनुज कुमार सिंह ने बताया कि मॉड्यूल में छात्राओं को 1090 वीमेन पॉवर लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1076 सीएम हेल्प लाइन नंबर, 181 वन स्टाप सेंटर व 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई है। इस नंबर पर शिकायत करने वाली छात्राओं की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।
सेल्फ डिंफेंस क्लब का होगा गठन
छात्राओं को 48 दिन का विशेष प्रशिक्षण देने के बाद स्कूलों में सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन किया जाएगा। इसमें 10 प्रशिक्षित छात्राओं को क्लब की कमान सौंपी जाएगी। ये छात्राएं अन्य बालिकाओं को नियमित अभ्यास कराएंगी। साथ ही ट्रेनिंग लेने वाली सभी छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र भी निर्गत किए जाएंगे।
वीरांगना ऐप से होगी निगरानी
आत्म रक्षा प्रशिक्षण की निगरानी वीरांगना ऐप के जरिए की जाएगी। इस ऐप के माध्यम से प्रशिक्षक और छात्राओं दोनों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी। साथ ही प्रशिक्षक को ऐप पर छात्राओं को सिखाए जाने वाली हर एक गतिविधि की फोटो व वीडियो अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
आत्मरक्षा की तैयारी की दिशा में कदम
उच्च प्राथमिक विद्यालय, कंपोजिट व केजीबीवी में अध्ययनरत छात्राओं को आत्मरक्षा के कौशल सिखाए जाएंगे। इसकी तैयारी चल रही है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कार्यालय से फरवरी 2027 तक प्रशिक्षण पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
अनुज कुमार सिंह, डीसी बालिका शिक्षा।


