उत्तरदायी शासन और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए प्रभावी स्थायी समितियां अत्यंत आवश्यक : विधानसभा अध्यक्ष

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता समिति प्रणाली विधायी कार्यप्रणाली की सर्वोत्तम परंपराओं में से एक

उत्तरदायी शासन और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए प्रभावी स्थायी समितियां अत्यंत आवश्यक : विधानसभा अध्यक्ष

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता समिति प्रणाली विधायी कार्यप्रणाली की सर्वोत्तम परंपराओं में से एक है। धैर्यपूर्ण विचार-विमर्श, सूक्ष्म परीक्षण तथा साक्ष्य-आधारित अनुशंसाओं के माध्यम से समितियां न केवल कार्यपालिका की जवाबदेही को सुदृढ़ करती हैं, बल्कि शासन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती हैं। यह बात दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा की वित्तीय समितियों एवं विभाग-संबंधित स्थायी समितियों (डीआरएससी) के अध्यक्षों के लिए आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कही।

कार्यशाला का उद्देश्‍य

नवनियुक्त अध्यक्षों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति केवल एक औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने वाली विधानमंडल की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक को सशक्त बनाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि यद्यपि सदन में होने वाली बहसें संसदीय लोकतंत्र की सबसे प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति होती हैं, किंतु विधानमंडल का अधिकांश विस्तृत कार्य उसकी समिति प्रणाली के माध्यम से होता है, जहाँ सदस्य नीतियों का परीक्षण करते हैं, सार्वजनिक व्यय की समीक्षा करते हैं, विभागों के कार्य निष्पादन का मूल्यांकन करते हैं तथा सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की सूचित एवं रचनात्मक समीक्षा करते हैं।

समितियों की भूमिका

इस कार्यशाला का आयोजन वित्तीय समितियों एवं विभाग-संबंधित स्थायी समितियों के माननीय अध्यक्षों को इनके संवैधानिक, प्रक्रियात्मक एवं कार्यात्मक पहलुओं से परिचित कराने के उद्देश्य से किया गया, ताकि विधायी निगरानी, जवाबदेही एवं सुशासन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता केवल कानून बनाने या सदन में बहस करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात से तय होती है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं आम जनता के जीवन में कितना सकारात्मक परिवर्तन ला पाती हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनहित के मुद्दों पर चर्चा और सरकार की नीतियों की समीक्षा के साथ-साथ अपनी समिति प्रणाली के माध्यम से शासन के कार्यों की गहन पड़ताल करती है। उन्होंने कहा कि स्थायी समितियां आज विधायी व्यवस्था का एक सशक्त स्तंभ बन चुकी हैं, जो विभागों के कार्यों, सरकारी योजनाओं, बजटीय व्यय तथा नीतियों का गहन अध्ययन कर तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर महत्वपूर्ण अनुशंसाएं प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि समिति प्रणाली हमारी लोकतांत्रिक परंपरा की एक महत्वपूर्ण विशेषता है, जहां सदस्य राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर गंभीर एवं रचनात्मक विचार-विमर्श के माध्यम से सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं और सुशासन को सुदृढ़ बनाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली विधानसभा की कार्यशाला का उद्देश्य क्या है?
कार्यशाला का आयोजन वित्तीय समितियों एवं विभाग-संबंधित स्थायी समितियों के माननीय अध्यक्षों को इनके संवैधानिक, प्रक्रियात्मक एवं कार्यात्मक पहलुओं से परिचित कराने के उद्देश्य से किया गया है।
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