विकसित भारत को आकार देने के लिए तैयार हो रही हैं छात्राएं : उपराज्यपाल
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि छात्राएं केवल भविष्य की नौकरियों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के भारत को बनाने के लिए तैयारी कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं से तकनीक की निर्माता और नवोन्मेषक बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बेटियों के नेतृत्व क्षमता को भी सराहा।

मुख्यमंत्री बोलीं,तकनीक और ज्ञान का कोई जेंडर नहीं होता, बेटियां हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता
उपराज्यपाल का वक्तव्य
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि छात्राएं केवल भविष्य की नौकरियों के लिए तैयारी नहीं कर रही हैं, बल्कि भविष्य के भारत को आकार देने की तैयारी कर रही हैं। उनकी पीढ़ी के पास ऐसी तकनीक विकसित करने और उसे नई दिशा देने का अवसर है, जो स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, विनिर्माण, शासन और दैनिक जीवन के लगभग हर क्षेत्र में बदलाव ला सकती है। इसलिए छात्राओं को केवल तकनीक का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तकनीक की निर्माता और नवोन्मेषक बनकर देश के भविष्य को नई दिशा देनी चाहिए।
आईजीडीटीयूडब्ल्यू में प्रवेश कार्यक्रम
उपराज्यपाल गुरुवार को इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय महिला (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) में आयोजित ‘प्रबोधन’ प्रवेश कार्यक्रम-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान विश्वविद्यालय के आधुनिक व्याख्यान कक्ष परिसर का भी उद्घाटन किया गया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज बेटियां इंजीनियरिंग, तकनीक, विज्ञान, अंतरिक्ष और रक्षा समेत हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक, ज्ञान और अनुभव का कोई जेंडर नहीं होता। उन्होंने छात्राओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों की निर्माता बनकर भविष्य के समाधान तैयार करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्राओं को जिज्ञासा, साहस और चरित्र को अपनी ताकत बनाना चाहिए और केवल नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनने का प्रयास करना चाहिए।
शिक्षा मंत्री की बातें
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप छात्राओं को तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने तकनीक, कौशल, नवाचार और व्यावहारिक सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं की ओर से दिल्ली पुलिस के लिए विकसित निगरानी ड्रोन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तकनीक को समाज की वास्तविक जरूरतों के समाधान में बदलने की क्षमता का उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं से महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और हरित तकनीक के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने का आह्वान किया।
दिल्ली सरकार की योजनाएँ
शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार करीब 160 एकड़ में शिक्षा नगरी विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों को सहयोग देने के लिए 400 करोड़ रुपये की स्टार्टअप और नवोन्मेष केंद्र नीति को मंजूरी दी गई है।


