बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम : मनोज सिन्हा
बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है, यह बात मनोज सिन्हा ने दुर्गा बालिका उच्च विद्यालय में कहां। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्य और मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना की जानकारी दी। छात्राओं से मोबाइल का सकारात्मक उपयोग करने की अपील की गई और बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम : मनोज सिन्हा - दुर्गा बालिका उच्च विद्यालय में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में शुक्रवार को नया बाजार केआरके मैदान स्थित दुर्गा बालिका उच्च विद्यालय में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता
अध्यक्षता जिला परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार सिन्हा ने किया। उन्होंने बताया कि महिला और किशोरियों के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना संचालित की जा रही है। बिहार लोक सेवा आयोग बीपीएससी की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए 50 हजार रुपया और संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एक लाख रुपया की प्रोत्साहन राशि योजना के तहत दी जाती है।
छात्राओं के लिए अपील
उन्होंने छात्राओं से मोबाइल फोन का उपयोग केवल पढ़ाई और सकारात्मक कार्यों के लिए करने की अपील किया। कहा कि सोशल मीडिया का अनावश्यक उपयोग युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकता है, इसलिए शिक्षा पर विशेष ध्यान देकर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करना चाहिए। महिला सशक्तिकरण केंद्र के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मकसद बेटियों के अस्तित्व, स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित कर उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी देते हुए घरेलू हिंसा या अन्य समस्या की स्थिति में सहायता लेने की अपील किया। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की भी विस्तृत जानकारी दिया।
बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता
लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने बाल विवाह को सामाजिक कुरीति और कानूनी अपराध बताते हुए कहा कि इससे बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी छात्राओं से बाल विवाह का विरोध करने और समाज को जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं को बाल विवाह रोकथाम की सामूहिक शपथ दिलाई गई.


