बिहार सहकारिता नीति 2026 से पैक्स और व्यापार मंडलों का बढ़ेगा दायरा
बिहार में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की योजना शुरू हुई है। नई सहकारी नीति 2026 के तहत, कृषि से जनोपयोगी सेवाओं तक सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इसमें पैक्स और व्यापार मंडल शामिल हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और सुविधाएं बढ़ेंगी। युवा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया गया है।

जिले में सहकारी समितियों को सशक्त और बहुउद्देशीय बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार सहकारिता नीति 2026 के तहत पैक्स, व्यापार मंडल सहित अन्य सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं और रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। जिले में वर्तमान में 320 पैक्स और 24 व्यापार मंडल संचालित हैं। नई नीति के तहत सहकारी समितियों के कार्यक्षेत्र को कृषि गतिविधियों से आगे बढ़ाकर जन औषधि केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, उचित मूल्य की दुकान समेत अन्य जनोपयोगी सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
सहकारी समितियों में आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रबंधन और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देकर सहकारी उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की भी योजना है। पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की बिक्री और विपणन को नई दिशा मिल सकती है। नीति में युवा और महिलाओं को सहकारी उद्यमों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर है। बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और सहकारी संस्थाओं के लिए आय के नए स्रोत विकसित होंगे।गया जी से राजेश कुमार मिक्की की रिपोर्ट


