शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में दर्ज मुकदमे में कार्रवाई सिफर
जयराम जनता जूनियर हाई स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है। एक आरोपी जगदंबा वर्मा की मौत हो गई है। प्रधानाचार्य और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की जांच जारी है।

इंदईपुर, संवाददाता। शिक्षा क्षेत्र रामनगर के जयराम जनता जूनियर हाई स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में पंजीकृत मुकदमे में तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक कार्रवाई सिफर रही है। इस दौरान एक आरोपी जगदंबा वर्मा की मौत हो चुकी है। जबकि दंपति आरोपी के खिलाफ अभी तक कार्रवाई लंबित है।
नियुक्ति का मामला
जय राम जनता जूनियर हाई स्कूल में वर्ष 1986 में प्रधानाचार्य राम प्रकाश यादव निवासी अमोला बुजुर्ग कटका ने कूटरचित दस्तावेज के जरिए अपनी पत्नी चंद्रपति यादव व सहायक शिक्षक जगदंबा वर्मा की नियुक्ति का मामला हुआ था। बताया जाता है कि कूटरचना की पोल तब खुली जब चंद्रपति व जगदंबा ने 2017 में विद्यालय अनुदानित होने के बाद कोषागार से वेतन की मांगकर न्यायालय में पहुंच गये। न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन बीएसए ने जांच किया तो प्रधानाचार्य राम प्रकाश, पत्नी चंद्रपति व जगदंबा वर्मा को दोषी पाया।
जांच की स्थिति
दरअसल जिन नियुक्तियों के आधार पर वेतन भुगतान की मांग की जा रही थी, उससे संबंधित मूल अभिलेख विद्यालय रिकार्ड में मौजूद ही नहीं थे। विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच करायी गयी, लेकिन नियुक्ति संबंधित कोई रिकार्ड नहीं मिला। जबकि प्रधानाचार्य रहते अपने पत्नी का नियुक्ति करना भी नियम विरुद्ध पाया गया। बीएसए के आदेश पर प्रबंधक मीरा गुप्ता ने तीनों लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी,ठगी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। लगभग एक सप्ताह पूर्व आरोपी जगदंबा वर्मा की मौत हो चुकी है।
अगली कार्रवाई
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सबूतों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। उधर प्रबंधक मीरा गुप्ता ने बताया कि जगदंबा की मृत्यु के बाद एक बार फिर अनर्गल आरोप उनकी पत्नी द्वारा लगाया जा रहा है।


