हर धर्म हमारा, सभी को अपनाना भारतीय संस्कृति की पहचान : राज्यपाल
बिहार के राज्यपाल ने रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के शताब्दी समारोह में सभी धर्मों को अपनाने की बात की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों पर जोर दिया कि इंसानियत की जात एक है। उन्होंने मुजफ्फरपुर में भेदभाव के बिना शिक्षा की आवश्यकता की बात कही। समारोह में न्यायमूर्ति संदीप और विश्वविद्यालय के अन्य प्रोफेसरों ने भी विचार साझा किए।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। पूरी इंसानियत की जात एक है। सभी धर्मों को अपनाना चाहिए। भारतीय संस्कृति कहती है कि हर धर्म हमारा है। सभी धर्मों को मानना स्वामी विवेकानंद का विश्वास था। ये बातें शुक्रवार को बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने बेला स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के शताब्दी वर्ष समारोह में कहीं।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का महत्व
इस दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उस ऐतिहासिक क्षण को याद किया, जिसकी पहचान उनके अमर शब्दों ‘सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका’ से होती है। उन्होंने कहा कि यही वह संबोधन था, जिसने धर्म, राष्ट्रीयता और संस्कृति की सीमाओं को तोड़ते हुए असाधारण प्रतिक्रिया पैदा की थी।
सेवा स्वामी विवेकानंद की सोच का सबसे बढ़िया उदाहरण :
राज्यपाल ने कहा कि मुजफ्फरपुर शहर में एक सुंदर विश्वविद्यालय है। यहां भेदभाव नहीं, बल्कि शोध, विचार और शिक्षा की चर्चा होनी चाहिए। भौतिक और मानसिक खुलेपन की जरूरत है। सीख खुलेपन से होती है, जो विश्वविद्यालय के बाहर नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि सेवा स्वामी विवेकानंद की सोच का सबसे बढ़िया उदाहरण है। सभी को इसे अपनाना चाहिए।
सामाजिक कार्यों पर विचार
इस मौके पर पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने भी विचार रखे। उन्होंने विवेकानंद की जीवनी का वर्णन किया। बीआरएबीयू के कुलपति डॉ. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि आरके मिशन जैसा सामाजिक कार्य कोई दूसरा संस्थान नहीं कर रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय के प्रो. गोदाबरीश मिश्रा ने भी विचार रखे।
आश्रम की गाथा और अतिथियों का स्वागत
इससे पहले रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव स्वामी भावात्मानंद ने बेला आश्रम की स्थापना से अब तक की गाथा अतिथियों के समक्ष रखी और सभी का स्वागत किया। संबोधन से पहले राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने श्रीरामकृष्ण परमहंस, मां शारदा और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
राज्यपाल की बच्चों के साथ तस्वीरें
राज्यपाल ने संबोधन से पहले विवेकानंद बाल संघ के दसवीं के छात्रों को अपने पास बुलाकर मंच के पास बैठाया। संबोधन खत्म होने के बाद उन्होंने बच्चों के साथ तस्वीर खिंचवाई। इसके बाद परिसर स्थित विवेकानंद बाल संघ (स्कूल) का भ्रमण किया और शिक्षक, छात्र-छात्राओं व ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।


