आपदा में सहारा बने धर्मभाई धामी को धनगौरी ने गुजरात से भेजी राखी
देहरादून। धराली की आपदा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गुजरात की धनगौरी बरोलिया के बीच राखी का रिश्ता निर्मित हुआ। धनगौरी ने अपने पत्र में धामी की सहायता के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने एक टुकड़ा दुपट्टा फाड़कर राखी बनाई थी। धामी ने इसे सोशल मीडिया पर साझा किया।
देहरादून। धराली की भीषण आपदा के दौरान राखी के रूप में दुपट्टे के एक छोटे से टुकड़े मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गुजरात की धनगौरी बरोलिया के बीच बना भाई बहन का रिश्ता आज भी कायम है। धनगौरी ने पिछले साल अगस्त की आपदा में फंसे होने के दौरान मुख्यमंत्री से मिली सहायता का जिक्र करते हुए अपने धर्मभाई को राखी के साथ भावुक खत भेजा है। मालूम हो कि धनगौरी पिछले वर्ष रक्षाबंधन के आसपास उत्तराखंड आई थीं। इसी दौरान उत्तरकाशी में धराली में आई बाढ़ में वह फंस गईं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने वहां फंसे लोगों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। इसी दौरान धनगौरी की भी मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई। रक्षाबंधन करीब होने पर मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि अगर राखी है तो वह उन्हें बांध सकती हैं। लेकिन धनगौरी के पास राखी नहीं थी। उन्होंने अपने दुपट्टे का एक छोटा टुकड़ा फाड़कर उसे राखी का रूप दिया और मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया। धनगौरी के मुताबिक, उसी क्षण उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना धर्म भाई मान लिया था।
आपदा के समय का संदर्भ
अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि धराली की उस कठिन घड़ी में मुख्यमंत्री का भरोसा और हौसला उनके लिए बेहद मायने रखता था। उन्होंने श्रीकृष्ण-द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को संकट के समय मिले सहारे से जोड़ा। मालूम हो कि इस बार धनगौरी अहमदाबाद में हैं, लेकिन भाई को राखी भेजने की परंपरा नहीं भूलीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु रहने की कामना करते हुए प्रदेश की सेवा करते रहने की शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने भी इस पत्र को अपने सोशल मीडिया पेज पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि कुछ रिश्ते खून से नहीं भावनाओं के एक छोटे धागे से बनते हैं। बहन धनगौरी का स्नेह उनेक लिए सदैव अनमोल रहेगा।


