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अब कारों को एक्सीडेंट होने से बचाएगा इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल सिस्टम

ESC system will control during road accident (File Pic)

लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने कारों में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) सिस्टम लगाने का फैसला कर लिया है। पिछले हफ्ते अधिसूचना जारी कर दी गई है। कंप्यूटर आधारित यह सिस्टम ओवरस्पीड, तीव्र मोड और सड़क पर फिसलने पर अनियंत्रित कार को स्वत: नियंत्रण में कर देगा। एक अप्रैल 2021 से सभी कारों में ईएससी लगाना अनिवार्य होगा। 

ईएससी से कारें थोड़ी मंहगी जरूर हो जाएंगी, पर हादसे टालने व जान बचाने में यह तकनीक कारगर होगी। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने जनवरी के पहले सप्ताह में ब्रेकिंग एंड इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल संबंधी आधिूसचना जारी कर दी है। कारों में ईएससी लगाने के लिए मंत्रालय काफी समय से काम कर रहा था। वर्ष 2018 की शुरुआत में मंत्रालय ने प्रारूप तैयार करना शुरू कर दिया था, लेकिन अंतिम प्रारूप बनाने और अधिसूचना सार्वजनिक करने में एक साल का वक्त लग गया। ईएससी तकनीक प्रमुख रूप से अनियंत्रित कार को नियंत्रित करती है। फिर चाहे कार ओवरस्पीड, तीव्र मोड अथवा सड़क पर फिसलन होने पर बेकाबू हो जाए।

ब्रेक स्वत: लग जाएंगे 

परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार ईएससी के सेंसर कार की नियंत्रण प्रक्रिया को पहले से पता लगा लेते हैं। कार के एलाइनमेंट से हटते ही ईएससी पहियों में ब्रेक लगा देते हैं। इस बीच कार के इंजन की पॉवर स्वत: कम हो जाती है और ब्रेक लग जाते हैं। सेंसर सड़क और पहियों के बीच होने वाले कर्षण (ट्रैक्शन) के हिसाब से कार के अनियंत्रित होने का पता लगाते हैं। जैसे ही ड्राइवर स्टेयरिंग पर नियंत्रण खोता है, ईएससी काम करना शुरू कर देता है। अधिकारी के अनुसार एक अप्रैल 2021 से सभी कारों में ईएससी के साथ एंटी लॉक ब्रेकिंग (एबीएस) अनिवार्य होगा। इससे कारों का ब्रेकिंग सिस्टम बेहतर बनाया जा सकेगा।

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विकसित देशों में लागू है ईएससी

परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि ईएससी सिस्टम में कार के डैशबोर्ड पर एक बटन लगता है। इसे ऑन अथवा ऑफ किया जा सकता है। अस्ट्रेलिया में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि ईएससी ऑफ होने पर तीव्र मोड पर कार नियंत्रण से बाहर होकर टकरा जाती है। ईएससी ऑन होने पर उसी रफ्तार में कार आराम से तीव्र मोड पार कर लेती है। ऑस्ट्रेलिया में 2011 से सभी कारों में ईएससी अनिवार्य कर दिया गया। अधिकांश विकसित देशों में ईएससी कारों में अनिवार्य है। भारत में सात साल बाद इसे लागू किया जा रहा है।

वाहन अनियंत्रित होने से 17 हजार की जान गई

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के 2017 के सड़क हादसों के आंकड़ों के अनुसार वाहन के अनियंत्रित होने से 54 हजार सड़क हादसे हुए। इसमें 17 हजार लोगों की जान चली गई।

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  • Web Title:Electronic stability control system will save cars from accident