डीयू के साउथ कैंपस में करंट लगने से माली की मौत
-पेड़ों की छंटाई के दौरान करंट लगने से माली की मौत नई दिल्ली,

दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस परिसर में 7 सितंबर की शाम को पेड़ों की छंटाई के दौरान करंट लगने से 33 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने के बाद पहुंची साउथ कैम्पस थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले में लापरवाही से मौत की धारा में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर करंट किन परिस्थितियों में लगा और घटना के लिए किसी की जिम्मेदारी बनती है।
मृतक की पहचान
पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि मृतक 33 वर्षीय अपने परिवार के साथ जेजे कैंप, श्रीराम कॉलोनी, मोती बाग इलाके में रहता था। वह विश्वविद्यालय परिसर में अस्थाई तौर पर माली के रूप में काम करता था। 7 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे परिसर में पेड़ों की छंटाई कर रहा था।
घटना का विवरण
इसी दौरान उसे वहां मौजूद तार से बिजली का जोरदार झटका लगा, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पीड़ित को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। जहां से उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने के बाद पहुंची साऊथ कैम्पस थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साउथ कैंपस थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 287 और 106(1) के तहत दर्ज की है। पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है तथा घटनास्थल और आसपास की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
एसएफआई का आरोप
एसएफआई ने डीयू प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया
एसएफआई दिल्ली ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर में माली की मौत को लेकर डीयू प्रशासन पर लापरवाही और घटना की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। छात्रों का आरोप है कि माली से बागवानी के बजाय बिजली का काम कराया जा रहा था। छात्रों ने परिसर गेट पर प्रदर्शन कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। एसएफआई ने मृतक के परिवार को मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी, पारदर्शी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।


