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मणिपुर के बाद अब इस राज्य में दोबारा होगा मतदान, हिंसा और EVM छीनने की खबरों के बीच फैसला

ईसी ने अरुणाचल के 8 मतदान केंद्रों पर फिर से वोटिंग कराने का आदेश दिया। यहां 19 अप्रैल को एकसाथ कराए लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान EVM में गड़बड़ी और हिंसा होने की जानकारी आई थी।

मणिपुर के बाद अब इस राज्य में दोबारा होगा मतदान, हिंसा और EVM छीनने की खबरों के बीच फैसला
Niteesh Kumarएजेंसी,नई दिल्लीMon, 22 Apr 2024 02:07 PM
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चुनाव आयोग ने मणिपुर के बाद अब अरुणााचल प्रदेश में फिर से मतदान कराने का फैसला लिया है। ईसी ने अरुणाचल के 8 मतदान केंद्रों पर फिर से वोटिंग कराने का आदेश दिया। यहां 19 अप्रैल को एकसाथ कराए लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान EVM में गड़बड़ी और हिंसा होने की जानकारी सामने आई थी। उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी लिकेन कोयु ने कहा कि आयोग ने रविवार को एक आदेश में इन आठ मतदान केंद्रों पर मतदान को अमान्य घोषित कर दिया। साथ ही, 24 अप्रैल को सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक नए सिरे से मतदान कराने का आदेश दिया।

अरुणाचल प्रदेश के जिन मतदान केंद्रों में फिर मतदान कराया जाएगा उनमें ईस्ट कामेंग जिला भी आता है। यहां के बामेंग विधानसभा क्षेत्र में सारियो, कुरुंग कुमे में नयापिन विधानसभा सीट के तहत आने वाला लोंग्ते लोथ, अपर सुबनसिरी जिले में नाचो निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाले डिंगसर, बोगिया सियुम, जिम्बरी और लेंगी मतदान बूथ शामिल हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, सियांग जिले में रुमगोंग विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले बोग्ने और मोलोम मतदान बूथ पर भी फिर से वोट डाले जाएंगे।

छिटपुट हिंसा और ईवीएम छीनने की कोशिश 
बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार को राज्य विधानसभा की 50 सीट के लिए मतदान हुआ था। इसमें 8.92 लाख मतदाताओं में से 65.79 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ जिलों से छिटपुट हिंसा और ईवीएम छीनने की कोशिश की खबरें मिलीं जिनमें 42 लोग घायल हुए। पूर्वोत्तर राज्य की 2 लोकसभा सीट पर मतदान प्रतिशत थोड़ा अधिक यानी 67.13 प्रतिशत रहा। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मतदान प्रतिशत में अंतर की वजह 10 विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने और वहां मतदान नहीं कराए जाने की वजह से है। 2019 में भी लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे और तब राज्य में 83.33 प्रतिशत मतदान हुआ था।

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