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तेलंगाना में चुनाव के बीच विज्ञापन देने पर कर्नाटक सरकार घिरी, इलेक्शन कमीनश ने भेजा नोटिस

इलेक्शन कमीशन ने कहा कि कर्नाटक सरकार को तेलंगाना में ऐसे किसी भी विज्ञापन का प्रकाशन तत्काल प्रभाव से रोकना होगा। यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कि राज्य सरकार आयोग से मंजूरी नहीं ले लेती।

तेलंगाना में चुनाव के बीच विज्ञापन देने पर कर्नाटक सरकार घिरी, इलेक्शन कमीनश ने भेजा नोटिस
Niteesh Kumarअदिति अग्रवाल, हिन्दुस्तान टाइम्स,बेंगलुरुMon, 27 Nov 2023 10:15 PM
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चुनाव आयोग ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को सोमवार को नोटिस भेजा है। इसमें तेलंगाना विधानसभा चुनाव के बीच अखबारों में अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने वाले विज्ञापनों पर जवाब मांगा गया है। इलेक्शन कमीशन (EC) की ओर से इसे लेकर कर्नाटक के मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा गया है। इसमें आयोग ने कहा कि राज्य सरकार ने विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए उससे पूर्व मंजूरी नहीं ली, जो चुनाव आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन है। 

इलेक्शन कमीशन ने साफ शब्दों में कहा कि कर्नाटक सरकार को तेलंगाना में ऐसे किसी भी विज्ञापन का प्रकाशन तत्काल प्रभाव से रोकना होगा। यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कि राज्य सरकार आयोग से मंजूरी नहीं ले लेती। EC ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से मंगलवार शाम 5 बजे तक इस मामले पर जवाब मांगा है। आयोग ने उन परिस्थितियों के बारे में भी पूछा जिनके कारण आदर्श आचार संहिता के निर्देशों का उल्लंघन हुआ। इसे बारे से विस्तार से जानकारी देने के लिए कहा गया है। 

MCC के निर्देशों के तहत प्रक्रिया का उल्लंघन
सूचना और जनसंपर्क विभाग के प्रभारी सचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए? आयोग ने अपने पत्र में कांग्रेस सरकार से इस सवाल का जवाब भी मांगा है। यह बताते हुए कि एमसीसी के निर्देशों के तहत आवश्यक प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है। इससे पहले दिन में भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने जनप्रतिनिधित्व कानून और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। मालूम हो कि तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के लिए 30 नवंबर को मतदान होना है।

चुनाव आयोग ने पत्र में 9 अक्टूबर के अपने निर्देशों का हवाला दिया है। इसमें लिखा गया, 'इलेक्शन कमीशन का निर्देश है कि भविष्य में आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान गैर-चुनाव वाली राज्य सरकारों की ओर से जारी किए गए ऐसे सभी विज्ञापनों को मंजूरी के लिए आयोग के पास भेजा जाएगा, जिन्हें चुनाव वाले राज्यों में भी प्रकाशन के लिए भेजा जाना है। इन निर्देशों में कहा गया कि उल्लंघन होने पर संबंधित सरकार के सूचना और जनसंपर्क सचिव/निदेशक को ऐसी चूक के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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