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26 सितम्बर, 2020|8:28|IST

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महाराष्ट्र के बाद चुनाव आयोग की नजर बिहार विधान परिषद चुनाव पर

election commission of india

हाल ही में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने फैसला किया कि महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव 27 मई से पहले होंगे। ऐसे में अब चुनाव आयोग अगले हफ्ते तक तय करेगा कि क्या बिहार विधान परिषद में खाली होने वाली 17 सीटें और राज्यसभा में खाली होने वाली 18 सीटों के लिए भी चुनाव कराए जाएं या नहीं। बिहार में मतदाताओं की संख्या  और चुनाव अनुसूची का फैसला करते समय इसपर विचार किया जाएगा। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की नौ रिक्तियों के अलावा, बिहार में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में आठ रिक्तियों को भरने के लिए भी चुनाव होंगे, जिसके लिए अब तक चार लाख से अधिक मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है।

उधर, महाराष्ट्र की बात करें तो चुनाव आयोग के फैसले से पहले राज्य के मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से विधान परिषद की 9 खाली सीटों पर चुनाव कराने की गुजारिश की थी। गुरुवार शाम राजभवन की ओर से यह जानकारी दी गई थी।  दरअसल, उद्धव ठाकरे इस समय विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं। वह बिना चुनाव लड़े ही राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के मुताबिक, यदि सदन से बाहर का कोई व्यक्ति मंत्री या मुख्यमंत्री बनता है तो शपथ ग्रहण से छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद (जिन राज्यों में है) का सदस्य बनना अनिवार्य है।

कोरोना वायरस महामारी की वजह से अभी विधानसभा के लिए उपचुनाव या विधान परिषद के लिए चुनाव संभव नहीं पाए हैं। राज्य कैबिनेट की ओर से दो बार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बने रह पाने के लिए उनका विधान परिषद में राज्यपाल की ओर से मनोनयन बेहद जरूरी है।
 

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  • Web Title:Election Commission eyeing Bihar Legislative Council elections after Maharashtra