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डिजिटल चुनाव प्रचार पर कितना खर्च किया? EC ने पहली बार कॉलम जोड़ प्रत्याशियों से मांगा डिटेल

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को डिजिटल प्रचार की अनुमति दी है। डिजिटल चुनाव प्रचार में कितना खर्च किया? अब सभी प्रत्याशियों को इसका ब्योरा भी चुनावी खर्च का...

डिजिटल चुनाव प्रचार पर कितना खर्च किया? EC ने पहली बार कॉलम जोड़ प्रत्याशियों से मांगा डिटेल
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 18 Jan 2022 07:13 PM

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पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को डिजिटल प्रचार की अनुमति दी है। डिजिटल चुनाव प्रचार में कितना खर्च किया? अब सभी प्रत्याशियों को इसका ब्योरा भी चुनावी खर्च का ब्योरा देते वक्त देना होगा। हालांकि, पहले भी प्रत्याशी डिजिटल कैंपेन पर खर्च होने वाली राशि के बारे में जानकारी दिया करते थे। लेकिन यह पहला मौका है जब इस तरह के खर्चों की जानकारी देने के लिए एक कॉलम बनाया गया है।

कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चुनाव आयोग ने रैली, रोड शो, नुक्कड़ सभा समेत अन्य सभी तरह की फिजिकल रैलियों पर 22 जनवरी तक प्रतिबंध लगा रखा है। इस प्रतिबंध के बाद सभी राजनीतिक पार्टियां अब चुनाव प्रचार के लिए डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रही हैं। पहली बार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर के विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग की तरफ से यह कॉलम जोड़ा गया है।

एक अधिकारी ने बताया, 'पार्टियां और उम्मीदवार (अब तक) इस तरह के खर्च का खुलासा खुद करते थे...डिजिटल वैन जैसी चीजों पर खर्च का ब्योरा देते थे...इस श्रेणी के तहत खर्च दिखाते थे। अब, इस चुनाव में इस तरह के खर्च को दर्ज करने के लिए एक समर्पित कॉलम बनाया गया है।' अधिकारी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उम्मीदवारों और पार्टियों द्वारा इस तरह का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब इसके लिए एक समर्पित कॉलम की शुरुआत की गई है।

जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 10 ए के अनुसार निर्धारित समय के भीतर अपने चुनावी खर्च को दर्ज करने में विफल रहने पर संबंधित उम्मीदवार को निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव लड़ने से तीन साल की अवधि के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले निर्वाचन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकार द्वारा चुनाव प्रचार में उम्मीदवारों के लिए खर्च सीमा में वृद्धि की गई थी।

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