झोपड़ी में चार साल से रह रही बुजुर्ग महिला को प्रशासन ने बेटे के पास पहुंचाया
गोडडा के पथरगामा प्रखंड के भालसुंधिया गांव की बुजुर्ग महिला बिंदिया मोसमात पिछले चार वर्षों से झोपड़ी में रह रही थीं। अधिकारियों ने स्थिति का संज्ञान लिया और उन्हें उनके बेटे के पास पहुंचाया। महिला को आर्थिक मदद और उचित देखभाल का आश्वासन दिया गया।

गोडडा एक संवाददाता। पथरगामा प्रखंड के भालसुंधिया गांव की बुजुर्ग महिला बिंदिया मोसमात पिछले करीब चार वर्षों से एक झोपड़ी में रहकर अपना जीवन यापन कर रही थीं। ग्रामीणों के अनुसार, बिंदिया मोसमात पिछले चार वर्षों से इसी झोपड़ी में रह रही थीं।
प्रशासन की पहल
उनके हालात की जानकारी उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और तत्काल आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। निर्देश के बाद पथरगामा प्रखंड विकास पदाधिकारी नितेश कुमार गौतम ने मामले में पहल की। देर रात बीडीओ नितेश कुमार गौतम एवं पथरगामा थाना प्रभारी कृष्णा साहा के नेतृत्व में थाना की टीम बुजुर्ग महिला के घर पहुंची और उन्हें उनके बेटे के पास पहुंचाया। प्रशासन की ओर से बुजुर्ग महिला को हरसंभव आर्थिक मदद एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया। इस दौरान बीडीओ नितेश कुमार गौतम ने महिला के बेटे को अपनी मां की उचित देखभाल और भरण-पोषण करने की जिम्मेदारी समझाई। बीडीओ ने कहा कि बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करना संतान की जिम्मेदारी है। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत संतान पर माता-पिता के भरण-पोषण की जिम्मेदारी तय की गई है। अधिनियम की धारा 4 के अनुसार यदि माता-पिता को उचित भरण-पोषण और आवश्यक देखभाल नहीं मिलती है, तो वे भरण-पोषण अधिकरण के समक्ष आवेदन कर सकते हैं।
स्थानीय लोगों की सराहना
प्रशासन की इस पहल से बुजुर्ग महिला को राहत मिली है। देर रात प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और बुजुर्ग महिला को उनके बेटे के पास पहुंचाने की कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की।


