जमानत के नाम पर हस्ताक्षर लेकर फर्जी एग्रीमेंट से जमीन बेचने का आरोप
बल्लभगढ़ की एक बुजुर्ग महिला ने अपने भतीजे पर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर फर्जी एग्रीमेंट तैयार करने और अपनी जमीन बेचने का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस उपायुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

बल्लभगढ़, अशोक जैन। सेक्टर-3 निवासी एक बुजुर्ग महिला ने अपने ही भतीजे पर जमानत के नाम पर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर फर्जी एग्रीमेंट तैयार करने और गांव की जमीन बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने इस मामले में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) बल्लभगढ़ को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-3 निवासी भगवती ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका भतीजा भुवनेश कुमार करीब पांच-छह वर्ष पहले उनके घर आया था। उसने अवैध प्लॉटिंग के मामले में अपने खिलाफ केस दर्ज होने की बात कहते हुए जमानत के लिए कुछ खाली कागजों और रसीदों पर हस्ताक्षर करवा लिए। भुवनेश ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इन दस्तावेजों की जरूरत केवल जमानत प्रक्रिया के लिए है। रिश्तेदारी और विश्वास के चलते उन्होंने बिना किसी शंका के हस्ताक्षर कर दिए।
शिकायत के विवरण
शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद जब उन्होंने जमानत की प्रक्रिया के बारे में पूछा तो भुवनेश ने मामला टाल दिया। बाद में वह उन्हें एक बार अदालत भी लेकर गया, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि दस्तावेजों का उपयोग जमानत के लिए ही किया गया है।
भू-राजस्व मुद्दा
महिला का आरोप है कि दिसंबर 2024 में उन्हें जानकारी मिली कि गांव स्थित उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने चारदीवारी कर कब्जा कर लिया है। पूछताछ करने पर वहां मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने यह जमीन भुवनेश कुमार से खरीदी है। इसके बाद जब उन्होंने भुवनेश से जवाब मांगा तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका।
पुलिस जांच की मांग
पीड़िता ने बताया कि पुलिस से जानकारी मिलने पर उन्हें कथित एग्रीमेंट की प्रति मिली। उसकी जांच करने पर पता चला कि एक दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर ही नहीं हैं, जबकि उसमें चेक और नकद भुगतान दर्शाया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी कोई राशि नहीं ली और न ही किसी तहसील या नोटरी कार्यालय में जाकर ऐसा कोई एग्रीमेंट किया।
शिकायत में महिला ने मांग की है कि यह जांच की जाए कि कथित एग्रीमेंट वास्तव में कब और कहां तैयार किया गया, क्या वह स्वयं उस दिन तहसील में मौजूद थीं, क्या नोटरी के समक्ष उन्होंने हस्ताक्षर किए, एग्रीमेंट में दर्ज गवाहों की भूमिका क्या है और क्या उन्हें बयाना या रजिस्ट्री के लिए कभी कोई नोटिस दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह बुजुर्ग हैं, इसलिए उनकी सुविधा को देखते हुए जांच उनके निवास के निकट सेक्टर-3 पुलिस चौकी अथवा संबंधित थाना क्षेत्र में की जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


