एससी/एसटी से संबंधित 1357 लंबित मामलों के जल्द निष्पादन का निर्देश
सोमवार को पटना में जिला स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई, जहां एससी/एसटी समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा और अत्याचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई पर चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने समय पर न्याय और सहायता के महत्व को रेखांकित किया। बैठक में कबीर अंत्येष्टि योजना की प्रगति पर भी समीक्षा की गई।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सोमवार को समाहरणालय पटना में जिला स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। बैठक में एससी/एसटी समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा, अत्याचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों और उनके आश्रितों को नियमानुसार सहायता तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पीड़ितों को समय पर न्याय और सहायता मिले। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी संजीव कुमार रतन ने बताया कि अत्याचार से संबंधित हत्या के मामलों में मृतक के आश्रितों को प्राथमिकता के आधार पर पेंशन दी जा रही है।
जून 2026 तक 139 पेंशनरों को पेंशन भुगतान किया जा चुका है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि वर्तमान में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 1,357 मामले लंबित हैं। इस पर समिति ने निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का नियमित अनुश्रवण किया जाए और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ितों को समय पर न्याय मिले।बैठक में कबीर अंत्येष्टि योजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अब तक जिले में 1,935 लाभुकों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। विधायक अरुण मांझी ने सुझाव दिया कि गरीब परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली राशि में वृद्धि के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के क्रम में विस्थापित गरीब परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने और सरकार को प्रस्ताव भेजने पर भी बल दिया। दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 30757 कार्ड जेनरेट किए जा चुके हैं, जबकि 12,618 आवेदन लंबित हैं। बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि स्कूलों में नामांकन के समय आधार कार्ड मांगा जाता है। इस पर उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नामांकन के लिए आधार अनिवार्य नहीं है। जिन बच्चों के पास आधार नहीं है उनका भी नामांकन लिया जाएगा। समिति ने निर्णय लिया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान यदि कोई महादलित परिवार विस्थापित होता है तो उसके लिए आसपास आवासन की व्यवस्था कर सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। सदस्यों ने कहा कि एससी/एसटी समुदाय के विरुद्ध कोई घटना होने पर पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई हो। पीड़ित या परिजन सूचना जिला कल्याण पदाधिकारी और वरीय अधिकारियों को दें, ताकि नियमानुसार सहायता मिल सके। बैठक में विधायक श्याम रजक, विधायक अरुण मांझी, समाज सेविका सुधा वर्गीस सहित समिति के कई सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे।


